IMG 20220805 172930 देश के इस राज्य में बीमारी का कहर, 47 की मौत, 828 पॉजिटिव Rajasthan News Portal अंतरराष्ट्रीय
Share This News

Thar पोस्ट न्यूज। देश के त्रिपुरा राज्य में 828 छात्र HIV पॉजिटीव पाए गए हैं और इनमें से अब तक 47 छात्रों की मौत भी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी ने हाल में ही इन आंकड़ों को जारी किया है।  572 छात्र अभी भी इस गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। त्रिपुरा पत्रकार यूनियन, वेब मीडिया फोरम और त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी  द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक वर्कशॉप को संबोधित करते हुए TSACS के संयुक्त निदेशक सुभ्रजीत भट्टाचार्य ने ये आंकड़े प्रस्तुत किए।

प्रतिदिन इतने केस

आंकड़ों को लेकर TSACS ने बताया कि हाल में जारी आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में हर रोज 5-7 नए मामले HIV के आ रहे हैं। इन आंकड़ों में जो सबसे गंभीर बात है, वह ये कि HIV से पीड़ित त्रिपुरा के कई छात्र देश के विभिन्न राज्यों की यूनिवर्सिटी या बड़े कॉलेजों में एडमिशन लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। TSACS ने राज्य के 220 स्कूल, 24 कॉलेज और यूनिवर्सिटियों के ऐसे छात्रों की पहचान की है, जो नशे के लिए इंजेक्शनों का इस्तेमाल करते हैं। TSACS के संयुक्त निदेशक ने बताया कि हमने ऐसे 220 स्कूल और 24 कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों की पहचान की है जहां छात्र नशीली दवाओं के आदी पाए गए हैं। TSACS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मई 2024 तक, हमने ART- एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्रों में 8,729 लोगों को रजिस्टर्ड किया। इनमें HIV से पीड़ित लोगों की कुल संख्या 5,674 है और इनमें भी 4,570 पुरुष, 1103 महिलाएं और केवल एक मरीज ट्रांसजेंडर है। 

एचआईवी मामलों में वृद्धि के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (TSACS) ने बताया कि ज्यादातर मामलों में संपन्न परिवारों के बच्चे एचआईवी से संक्रमित पाए गए हैं। इन आंकड़ों में ऐसे भी परिवार हैं जहां माता-पिता दोनों ही सरकारी नौकरी में हैं और बच्चों की मांगें पूरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ऐसे लोगों को जब तक पता चलता है कि उनके बच्चे नशे के आदी हो गए हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।


Share This News