






Thar पोस्ट न्यूज। राष्ट्रीय कवि चौपाल 580 वीं कड़ी सावन मन भावन को समर्पित रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए रामेश्वर साधक ने कहा कि प्रकृति गोद में नहीं.. श्रावण माह सा जीवोन्मुक्त मस्त जीवन.. बनाएं जो जप, तप, व्रत में प्रभो सान्निध्य जीवन संजीवन है। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ हरिदास हर्ष ने राष्ट्रीय कवि चौपाल के नवाचार स्वागत करते हुए कहा साहित्य से पूर्व नांद ब्रह्म अर्थात् संगीत की महत्ता है गुरु समर्पित …”गुरु चरणन की लग्न मोहे लागी” शानदार प्रस्तुति दी। ज्ञानेश्वर सोनी विशिष्ट अतिथि में सरदार अली परिहार, श्री मोहन लाल सोनी, गौरी शंकर सोनी, श्री मती गीता सोनी, माधव सोनी आदि मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि ज्ञानेश्वर सोनी, डॉ रामेश्वर आनन्द की रचित रचना बादळ रथ पर चढ कर महिनों प्यारो आयो रे, सुणों रे भाई सावण आयो रे.. व चांद चढियो गिरनार..आज मैं तारा गिन गिन काढूं रात..मधुर स्वर में गाकर सभा सदन को आनन्दित कर दिया, मोहन लाल सोनी ने चौपाल की गतिविधियों को सराहते हुए कहा इसकी निरंतरता ही स्वयं में सिद्धि है, सरदार अली परिहार : दुर्गुण दोष या न्युनता आ भी जाएं तो उससे निवृत्त होना भी कला है.. लेकिन इससे पूर्व श्री मती गीता सोनी ने राग बसंत पर शानदार सरस्वती वंदना की।
गौरी शंकर सोनी ने भी डॉ रामेश्वरानंद की शब्द स्वर रचना “राजस्थानी वीरों को प्राणों से प्यारा..” तथा मीरां के पद “सावन कर रया जोरा”.. दो शानदार प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। वहीं श्री मती गीता सोनी ने राग माल कौस में कोयलिया बोले अमुआ की डार पे .. प्रस्तुति में वाह वाही बटोरी जबकि नन्हे से स्टार ने एक लोक गीत ओ कुण बींजे बाजरो सुनाकर चौपाल की गरीमा बढ़ाई।
इसी बीच सावन मन भावन कार्यक्रम तहत संगीत विधा “आनंद संगीत कला संस्थान” संस्थापक डॉ रामेश्वर “आनन्द” के तीन पीढ़ी के सम्मान में श्री ज्ञानेश्वर जी, श्री गौरीशंकर जी, श्री मती गीता यशवर्धन जी, माधव मंडोरा.. आदि का रत्न जड़ित मोतीयन माला, श्री फल शाॅल आदि सम्मान किया गया।
प्रमोद शर्मा : टप टप टप सावन नयना बरसे,आये ना श्याम सुन्दरिया.. प्रेम रत्न स्वर्णकार : मोड़ होता है जवानी में संभलने के लिए,.. डॉ कृष्ण लाल विश्नोई : सावण आयो साहिबा,घटा चढ़ी घणघोर..बीजळ करै झबूकड़ा, बन मां नाचे मोर।।
ज्योति स्वामी : सावन में कैसे मनाऊं हर, जब मेरे हरि गये अनुठी छुट्टी पर,.. राजकुमार ग्रोवर : जय जय देश के बीरों की जय भारत जय भारती,..
कृष्णा वर्मा : कण-कण में ओम समाया है. प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,.. कारगिल हीरो कुलदीप गौतम : जीवन संरक्षक के प्रति आदर भाव रखें ताकि वे और मुस्तैद रहे मोहम्मद सलीम भाटी : मैं हूं सबका हिंदुस्तान तुम सब हो मेरी संतान मेरी कोख से जन्म दिया फिर कैसे बिगड़ी ..पवन चड्ढ़ा : वतन की राह में वतन के नौजवान शहीद हो,.. राधा किशन सोनी : ये जिंदगी के मेले दुनिया में कम न होंगे।
आज के कार्यक्रम में 21 साहित्य प्रस्तुति दी गई, आज के कार्यक्रम में साकिर महेश हर्ष, मधु बाला उम्मट, पवन उम्मट, लक्ष्मण राम, घनश्याम सौलंकी, सिराजुद्दीन भुट्टा, धर्मेंद्र राठोड़ धन्नजय आदि कई गणमान्य साहित्यानुरागी उपस्थित रहे कार्यक्रम संचालन रामेश्वर साधक ने किया
