





Thar पोस्ट। इस साल राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव होंगे अथवा नही ? इस बारे में आज राजस्थान हाईकोर्ट अहम निर्णय सुनाएगा। राज्य में चुनाव टालने की मांग को लेकर राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग द्वारा दायर प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 11 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ इस मामले में अपना निर्णय सुनाएगी। जानकारी के अनुसार उक्त मामले में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका भी प्रमुख है, जिसमें समय पर चुनाव नहीं कराने को लेकर सरकार और राज्य चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत के फैसले से प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों की स्थिति साफ होने की संभावना है।


सरकार ने हाईकोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में कहा है कि अदालत द्वारा 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देशों की पालना के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निर्धारित समयसीमा में चुनाव कराना संभव नहीं हो पाया। सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, स्कूलों की उपलब्धता, चुनावी स्टाफ की कमी, ईवीएम और अन्य संसाधनों के अभाव का हवाला देते हुए चुनाव आगे बढ़ाने की मांग की है। सरकार का कहना है कि वर्तमान हालात में दिसंबर से पहले चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं होगा।