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IMG 20260827 124958 लावणी शो के नाम पर अश्लीलता होगी बंद ? सर्टिफिकेट के बिना नहीं होंगे ‘DJ लावणी’ शो Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट न्यूज। महाराष्ट्र में तेजी से फेमस हो रहे डीजे लावणी’ शो के लिए अब सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। अश्लीलता फैलाने की शिकायतों के बाद यह निर्णय किया गया है। सरकार ने ऐसे आयोजनों के लिए सूटेबिलिटी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया है। अब इस सर्टिफिकेट के बिना डीजे लावणी शो नहीं हो पाएंगे। राज्य स्टेज परफॉर्मेंस सेंसरशिप बोर्ड ने पुलिस को निर्देश दिया है कि लावणी और अन्य लोक कला के सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति तभी दी जाए, जब आयोजक कार्यक्रम की स्क्रिप्ट, उद्घोषणा या संक्षिप्त विवरण के लिए अनिवार्य ‘सूटेबिलिटी सर्टिफिकेट’ पेश करें। 14 अगस्त को जारी एक सर्कुलर में, जिसे पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है, बोर्ड ने चेतावनी दी कि पारंपरिक लावणी कार्यक्रमों के लिए जारी किए गए सर्टिफिकेट का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके जरिए बिना जरूरी सूटेबिलिटी सर्टिफिकेट लिए लाइव डीजे के साथ ‘अश्लील’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेंसरशिप बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर ‘डीजे लावणी’ के कलाकार मंजूर किए गए कंटेंट की सीमा से आगे जाकर प्रस्तुति देते हैं, तो सिर्फ सर्टिफिकेट होने के आधार पर आयोजकों को कार्रवाई से छूट नहीं

लावणी डीजे महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी का आधुनिक, व्यावसायिक रूप है, जिसमें पारंपरिक संगीत की जगह डीजे म्यूजिक, फिल्मी गाने और तेज बीट्स का इस्तेमाल होता है। पिछले कुछ सालों में गांवों के मेले, उत्सव, दाहीहंडी और अन्य कार्यक्रमों में “लावणी” के नाम पर जो शो होते हैं, उनमें पारंपरिक ढोलकी की जगह लाउड डीजे सिस्टम और फिल्मी/आइटम नंबर (मराठी-हिंदी) बजाए जाते हैं। नृत्य अक्सर ज्यादा सुझावात्मक होता है। पोशाक भी कभी-कभी पारंपरिक नौवारी साड़ी की जगह घाघरा-चोली जैसी हो जाती है। पारंपरिक कलाकार इसे लावणी की संस्कृति का पतन मानते हैं, क्योंकि इससे असली लावणी और तमाशा कलाकारों की रोजी-रोटी प्रभावित होती है और कला का रूप बदल जाता है। महाराष्ट्र सरकार ने अश्लील ‘डीजे लावणी’ और ऐसे आक्षेपार्ह कार्यक्रमों पर नियंत्रण के लिए नियम सख्त किए हैं।


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