






Thar पोस्ट। राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पड़ाक छापली के प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं के साथ बांध में आपत्तिजनक स्थिति में नहाने के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर वीडियो वायरल होने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने प्रधानाचार्य लाल चन्द मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। मामला 15 अगस्त का बताया जा रहा है।

प्रधानाचार्य कक्षा 9 से 12 तक के करीब 200 छात्र-छात्राओं को तैराकी सिखाने के उद्देश्य से स्कूल से करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध पर लेकर गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बांध क्षेत्र में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं और सुरक्षा कारणों से वहां जाने पर रोक है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को वहां ले जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के मुताबिक विद्यार्थियों के दल में करीब 20 से 25 छात्राएं भी शामिल थीं। आरोप है कि बच्चों को बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बांध के पानी में उतारा गया। बताया जा रहा है कि कई विद्यार्थियों को तैरना भी नहीं आता था। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों के स्कूल पहुंचने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी राजकुमार मीणा के अनुसार पुलिस ने प्रधानाचार्य के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी छात्र-छात्रा या अभिभावक की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच जारी है।
विवाद बढ़ने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान, बीकानेर ने 22 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर प्रधानाचार्य लाल चन्द मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ललित कुमार के आदेश में वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए प्रथम दृष्टया इसे लोकसेवक के नैतिक आचरण एवं निर्धारित आचरण संहिता के विपरीत माना गया है।
