





Thar पोस्ट। आखिर गुरजीत सिंह 400 फुट ऊंचे टॉवर से सकुशल नीचे आ गया। इस खबर ने देशभर का ध्यान खींचा है। पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की घटना के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर करीब 560 दिनों तक 400 फुट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर बैठे कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा को आखिरकार नीचे उतार लिया गया. इसके साथ ही गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे खालसा के अनूठे ढंग से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समापन हो गया. उन्होंने 12 अक्टूबर 2024 को पटियाला के समीप समाना में स्थित टावर पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.





पटियाला जिला प्रशासन ने खालसा को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने के लिए सेना से सहायता मांगी थी. खालसा शुक्रवार की सुबह ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों के बीच टावर से उतरे. खालसा के नीचे उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान उनके समर्थकों ने उन पर फूल बरसाईं. बता दें कि सेना और दमकल कर्मियों की टीम ने विशेष क्रेन लिफ्ट की मदद से उन्हें नीचे उतारा.
गुरजीत सिंह खालसा ने कहा कि हमने जीत हासिल कर ली है. उन्होंने कहा, ‘गुरु की कृपा से मैं 18 महीने और 12 दिन बाद सुरक्षित नीचे आ गया हूं. मैं पंजाब सरकार का आभारी हूं. खालसा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां का धर्म-अपवित्रता विरोधी कानून लागू करने के लिए आभार व्यक्त किया. खालसा ने उन्हें सुरक्षित नीचे लाने के लिए स्थानीय प्रशासन का भी धन्यवाद किया.
पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026′ को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है. इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान किया गया है. इसे अधिसूचित किए जाने के बाद खालसा ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया।