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IMG 20230428 083158 45 समलैंगिक विवाह के विरोध में आए कॉलेज शिक्षक Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट, न्यूज। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसका विरोध भी हो रहा है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस तरह के विवाह को कानूनी दर्जा दिये
जाने का विरोध किया है। संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री डाॅ. दिग्विजय सिंह शेखावत के
नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि समलैंगिक विवाह हमारी सभ्यता व संस्कृति के पूर्ण तय विपरीत है। ज्ञापन में संगठन के प्रदेश महामंत्री डाॅ. सुशील कुमार बिस्सु ने कहा
कि यदि यह कानून बन जाता है, तो यह विवाह के पवित्र बंधन को ही विकृत करने वाला भविष्य में साबित होगा, जिसका बुरा परिणाम भारतीय समाज को झेलना पड़ेगा। प्रदेशादयक्ष डाॅ. दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि समलैंगिक विवाह किसी भी रूप में मौलिक अधिकार नहीं है। समलैंगिक विवाह अप्राकृतिक है और समाज के विघटन का कारण बनेगा। ज्ञापन देने वालों में महासंघ के विभिन्न इकाइयों के सचिव व सदस्यगण उपस्थित रहे।


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