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IMG 20220817 090426 पुलिस : अर्दली' व्यवस्था- आजादी के इतने वर्षों बाद भी वजूद में ? Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट न्यूज। भारत मे अर्दली’ व्यवस्था 19वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने पुलिस में लागू की थी. एक अर्दली का काम होता है एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की वर्दी की सफाई और देखभाल करना, घर पर आने वाली फोन कॉल लेना, अधिकारी की निजी सुरक्षा देखना और घर के छोटे मोटे काम भी करना.राष्ट्रीय स्तर पर कई बार इस व्यवस्था को खत्म करने की अनुशंसा की जा चुकी है लेकिन यह प्रथा अभी भी जीवित है.।आधुनिक युग में गुलामी: न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है और ऐसे में इस “औपनिवेशिक गुलामी व्यवस्था” का जारी रहना पीड़ादाई है. इसे तुरंत खत्म कर दिए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए अदालत ने कहा कि संविधान के मुताबिक एक जनपदाधिकारी को सिर्फ जनता की सेवा करनी चाहिए।मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें अदालत को बताया गया कि तमिलनाडु सरकार ने ‘अर्दली’ व्यवस्था को बंद करने के आदेश तो 1979 में ही दे दिए थे लेकिन राज्य में यह प्रथा आज भी चल रही है। इस मुद्दे पर देश मे अनेक बार बहस हो चुकी है। लेकिन अब यह ऐसी परंपरा बन चुकी है जिसे व्यवहारिक तौर पर जल्दी से खत्म नही किया जा सकता। हालांकि इस पर कार्रवाई कर धीरे धीरे इसे समाप्त किया जा सकता है। इसके लिये ठोस प्रयासों की जरूरत है ताकि हम आने वाली पीढ़ी को कुछ अच्छा संदेश दे सके।


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