





Thar पोस्ट न्यूज। पर्यटन गांव की मानिंद नज़र आ रहे पुष्कर देशी विदेशी सैलानियों की आवक से गुलज़ार है । विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला 2025 का आगाज बुधवार से हो गया है। सजे धजे गोरबंद में रेगिस्तान का जहाज ऊंट व घोड़ों की टापों की आवाज कानों में राजस्थानी रंग घोल रही है। पशुपालन विभाग की ओर से पशु मेला कार्यालय स्थापित कर दिया गया है। यह मेला आगामी 6 नवंबर तक चलेगा। मेले में पशुओं की लगातार आवक जारी है, वहीं देसी-विदेशी पर्यटकों का आना भी शुरू हो गया है।





मेले में अब तक 207 पशु पहुंच चुके हैं, जिनमें 196 ऊंट, 10 घोड़े और एक बैल शामिल हैं। पशु मेला प्रभारी डॉ. सुनील घिया के अनुसार पशुपालक ऊंटों और घोड़ों के साथ डेरा डाल चुके हैं। घोड़ा पालक अपने घोड़ों के लिए अस्थायी और स्थायी अस्तबल तैयार कर रहे हैं। इस बार भी मेला तीन चरणों में आयोजित होगा- पशु मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक मेला। मेले को देखते हुए खास इंतजाम किए गए है। होटलों व गेस्ट हाउस में जोरदार बुकिंग है।