





Thar पोस्ट न्यूज। पर्यटन नगरी तीर्थराज पुष्कर में इन दिनों एक विदेशी महिला द्वारा अग्नि तपस्या चर्चा में है। भीषण गर्मी के बीच ब्रह्मा नगरी में एक विदेशी साध्वी अपनी कठोर तपस्या से सभी को आश्चर्यचकित कर रही है. ब्रह्मा मंदिर के लिए प्रसिद्ध इस तीर्थस्थल में साधु-संतों की साधना कोई नई बात नहीं है लेकिन रूस में जन्मी योगिनी अन्नपूर्णा नाथ की तपस्या विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. योगिनी अन्नपूर्णा नाथ नाथ संप्रदाय की दीक्षित साध्वी हैं जो पिछले 17 वर्षों से भारत में रहकर आध्यात्मिक साधना में लीन हैं। भारतीय संस्कृति योग और सनातन परंपराओं से प्रभावित होकर उन्होंने लगभग 10 वर्ष पूर्व नाथ संप्रदाय को अपनाया और तब से निरंतर साधना पथ पर अग्रसर हैं. इससे पहले भी उन्होंने नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक जयपुर घाट पर खड़े रहकर खड़ेश्वरी तप किया था। 21 दिनों तक चलने वाली अत्यंत कठिन नौ धूणी अग्नि तपस्या कर रही हैं. इस तपस्या के दौरान वह प्रतिदिन लगभग सवा तीन घंटे तक नौ जलती हुई धूनियों के बीच बैठकर गुरु बीज मंत्र का जाप करती हैं. इस दौरान उनके शरीर पर गौमय भस्म का लेप किया जाता है और धूनियों को गोबर के कंडों से प्रज्वलित किया जाता है।



विशेष बात यह है कि हर दिन इन कंडों की संख्या बढ़ाई जाती है . नाथ संप्रदाय के योगी गुरु दीपक नाथ ने बताया कि यह तपस्या अत्यंत प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसे संत-महात्मा अनादि काल से करते आए हैं. उन्होंने बताया कि इस साधना का उद्देश्य केवल आत्मशुद्धि नहीं, बल्कि जनकल्याण और विश्व कल्याण भी है।