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IMG 20210622 WA0123 जिला कलेक्टर नमित मेहता ने किया किताब ‘सुकून’ का विमोचन Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट, बीकानेर। शहर के लिए अत्यन्त गौरव का विषय है कि सोलह वर्ष के अरमान नदीम की पहली लघुकथा संग्रह ‘सुकून’ का प्रकाशन हुआ है। लघुकथा निसन्देह साहित्य की वह सशक्त विधा है जिसके जरिए समाज की विसंगतियों को कम शब्दों में उजागर किया जा सकता है। एक छोटी उम्र का लेखक लेखन की शुरूआत ही लघुकथा से करे तो यह कम महत्वपूर्ण नहीं है।
यह कहना था बीकानेर के जिला कलेक्टर नमित मेहता का जो जिला कलक्टर सभाकक्ष में मुक्ति संस्था की ओर से आयोजित अरमान नदीम की पहली किताब ‘सुकून’ के विमोचन के बाद मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे। नमित मेहता ने प्रत्येक लघुकथा पर स्कैच बनाने वाले युवा चित्रकार इमरोज़ नदीम की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष सुप्रसिद्ध साहित्यकार कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने अरमान और इमरोज़ के साहित्यिक रचनात्मक अवदान को रेखांकित करते हुए कहा कि बीकानेर शहर प्रतिभाओं की ख़ान है। बीकानेर का नाम हमेशा राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर यहां की प्रतिभाओं के कारण रोशन रहता है। कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि इस बार अरमान नदीम और इमरोज नदीम ने ‘सुकून’ के जरिए बीकानेर का नाम रोशन किया है।
जोशी ने कहा कि छोटी उम्र में विस्तृत अनुभव का पता देती लघुकथाऐं अपने कथ्य शिल्प की दृष्टि से भी न केवल प्रभावित करती है वरन् यह आश्वस्त भी करती है कि किशोर से युवा होता संभावनाशील लघुकथाकार अरमान नदीम साहित्यिक संसार में जुनून और लगन से ख़ास भूमिका का निर्वहन करने की तैयारी में है।
इन्होंने इमरोज नदीम के पेंसिल स्कैच की चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक लघुकथा को स्कैच के माध्यम से जीवंत भाव देने का बेहतरीन प्रयास कर किताब ‘सुकून’ के लिए सोने पे सुहागा कहावत को अक्षरतः साबित किया है।
साहित्यकार नदीम अहमद नदीम ने कहा कि यह खुशी और संतोष की बात है कि अरमान और इमरोज साहित्य और कला के विधार्थी है जो कि वर्तमान परिस्थितियों में सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक बहुत अच्छा संकेत है।
कार्यक्रम का संचालन इमरोज नदीम ने किया। संस्था के उपाध्यक्ष कथाकार संजय जनागल ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि पुस्तक ‘सुकून’ का प्रकाशन सोशल प्रोग्रेसिव सोसाइटी बीकानेर द्वारा किया गया है एवं वितरक वत्सल प्रकाशन बीकानेर है।


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