Thar पोस्ट। कोरोना के साथ अन्य जटिल बीमारियां अब काल बनकर सामने आ रही है। अस्पताल पीबीएम में ब्लैक फंगस से तीसरी मौत हो गई है। सूरतगढ़ निवासी कालूराम कोविड पॉजिटिव था। नेगेटिव होने के बाद पोस्ट कोविड का इलाज ले रहा था। इससे पहले बुधवार सुबह व शाम को भी एक एक मौत हुई थी। बुधवार को रायसिंहनगर निवासी चेतराम व पंजाब निवासी जगदीश की मौत हुई थी। तीनों मृतक बीकानेर से बाहर के ही थे। बीकानेर के पीबीएम में अब तक ब्लैक फंगस के 15 मामले आ चुके हैं। वहीं 3-4 संदिग्ध भी हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। ब्लैक फंगस पुरानी बीमारी है जो बहुत कम ही लोगों में होती है। लेकिन डायबिटीज पीड़ित कोरोना मरीजों में स्टेरॉइड व ऑक्सीजन के लगातार इस्तेमाल से फंगस पैदा हो जाती है। बीकानेर के अनेक लोगों की आंखें ब्लैक फंगस के चलते निकाली जा चुकी है। कोरोना महामारी का दौर है आप मास्क पहिने, साबुन से हाथ धोएं, दो गज की दूरी रखे। वैक्सीन लगाने पर बेफिक्र ना रहे। जितना हो सके लोगों का सहयोग पशु पक्षियों की सेवा करें। वर्तमान समय लेने का नहीं बल्कि समाज को देने का है। जनता के सहयोग से ही कोरोना हारेगा। महामारियों का सदियों से इतिहास रहा है। प्रत्येक 100 वर्ष में एक महामारी आती है। यह वर्षों तक कोहराम मचाती है।