







Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान के इस जिले में दिलचस्प चुनावी एंगल: दंगल देखने को मिल रहा है। बात बीकानेर के पडौसी जिले नागौर की। यहां निकाय चुनाव के तहत वार्ड नंबर 22 का मुकाबला काफी अनूठा है। घरों में भी इसके चर्चे है। नागौर में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित इस वार्ड में एक ही परिवार की तीन महिलाएं चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने जगदीश सोलंकी की पत्नी मुनि सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि उनके ही परिवार की दो बहुएं रेखा सोलंकी और बेबी सोलंकी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर गई हैं और सास को सीधी चुनौती दे दी है “‘ यानी देख मर्दा दी फेरी अम्मा तेरी है कि मेरी'”। इस कहावत पर चलते हुए युवा महिलाओं ने ताल ठोक कर कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। ऐसे में वार्ड 22 का मुकाबला कांग्रेस बनाम निर्दलीय होने के साथ ही सास और दो बहुओं के बीच पारिवारिक सियासी जंग में बदल गया है।

मुनि सोलंकी के भतीजे पप्पू सोलंकी की पत्नी रेखा सोलंकी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। रेखा लंबे समय से भाजपा से जुड़ी रही हैं और उन्होंने पार्टी से टिकट की मांग की थी। इस बीच पार्टी ने किसी अन्य व्यक्ति को प्रत्याशी बना दिया। इसके बाद रेखा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। रेखा सोलंकी का कहना है कि चुनाव लड़ना हर नागरिक का अधिकार है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने से किसी को नहीं रोका जा सकता।
