







Thar पोस्ट न्यूज। पुत्रदा एकादशी पर श्री खाटू श्याम मंदिर में होगा श्याम बाबा और भोलेनाथ का अद्भुत श्रृंगार
बीकानेर। श्रावण माह की पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त रविवार के दिन के अवसर पर जयपुर रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में इस बार श्याम बाबा के साथ-साथ भोलेनाथ का भी विशेष एवं अद्भुत श्रृंगार किया जाएगा। एकादशी के दिन मंदिर सुबह 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
मंदिर परिसर को दिल्ली से मंगाए गए विभिन्न प्रकार के आकर्षक फूलों से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं द्वारा पुत्रदा एकादशी के अवसर पर बाबा को राखी भी अर्पित की जाएगी।
श्रावण माह के दौरान मंदिर परिसर स्थित भोलेनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक किया।

भक्तों का कहना है कि मंदिर में आकर भगवान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने से मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।
मंदिर के मुख्य पुजारी किशन जोशी एवं चेतन शर्मा द्वारा श्री श्याम बाबा और भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के.के. शर्मा ने बताया कि पुत्रदा एकादशी पर श्याम बाबा की भक्ति के साथ भोलेनाथ की आराधना का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई है।
उल्लेखनीय है कि पुत्रदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत संतान प्राप्ति, संतान की लंबी आयु एवं सुखी जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। वर्ष में पुत्रदा एकादशी दो बार—पौष और श्रावण मास में आती है। इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश तथा मोक्ष की प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता है।
श्रावण माह, पुत्रदा एकादशी, श्री श्याम बाबा की भक्ति और भोलेनाथ की आराधना के इस विशेष अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर बीकानेर लौटे
बीकानेर। कैलाश मानसरोवर की पवित्र एवं दुर्गम यात्रा पूरी कर बीकानेर लौटे चार कैलाशियों का गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर परिवारजनों एवं शुभचिंतकों द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर 28 जुलाई को बीकानेर से रवाना हुए बाबूराम, श्रीमती उर्मिला, नवदीप एवं भवानी शंकर टाक ने सावन के पवित्र माह में कैलाश मानसरोवर के दर्शन कर अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण की।
चारों कैलाशी जैसे ही बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचे, वहां पहले से मौजूद परिवारजनों एवं शुभचिंतकों ने उनका ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। इस दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया। परिवार के सदस्यों ने कैलाशियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया तथा भगवान शिव के जयकारे लगाए।
इस अवसर पर पूर्व कैलाशी योगेश एवं के.के. पारीक सहित अन्य लोगों ने कैलाशियों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक यात्रा माना जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कैलाश पर्वत और मानसरोवर के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव होता है। चारों कैलाशियों ने भी यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों को परिजनों एवं शुभचिंतकों के साथ साझा किया।
