Thar पोस्ट। जिस गुटखे का आप सेवन करते है उस पर कैंसर रोग का खतरनाक चित्र लगवाने तथा आमजन को काफी हद तक जागरूक करने का श्रेय एक कनाडा के व्यक्ति को जाता है। इस एक व्यक्ति की जिद से विश्व की अनेक तम्बाकू निर्माण कंपनियों को झुकना पड़ा। उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा चुका है और 2007 में कनाडा का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ कनाडा’ भी दिया गया है.इनका नाम है गर्फिल्ड (गर) महूद (Clifford Garfield “Gar” Mahood) एक प्रमुख कनाडाई स्वास्थ्य कार्यकर्ता और तंबाकू विरोधी प्रचारक हैं. उन्हें ‘तंबाकू उद्योग के सबसे बड़े वैश्विक दुश्मन’ के रूप में भी जाना जाता है। एक दशक पहले उन्होंने भारत के मुम्बई में एक कांफ्रेंस कर भारत मे बढ़ते मुह के कैंसर के लिए गुटखों को जिम्मेदार ठहराया था। इस दौरान बीकानेर में भी उन्होंने आमजन को जागरूक किया। उनकी जिद थी कि तम्बाकू के पाउच पर बड़ा चित्र लगाकर आमजन को इसके नुकसान के बारे में बताया जाए।
- तंबाकू नियंत्रण: वह ‘कैंपेन फॉर जस्टिस ऑन टोबैको फ्रॉड’ (CJTF) के संस्थापक और अध्यक्ष हैं.
- उपलब्धियां: 1988 में तंबाकू विज्ञापनों पर प्रतिबंध, सिगरेट पैकेट पर सचित्र चेतावनियां लगवाने और 1997 के ‘कनाडा टोबैको एक्ट’ को लागू करवाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।