






Thar पोस्ट न्यूज। यूरोपीय देशों में समर वेकेशन गर्मी की छुट्टियां होने के बाद भी इस बार राजस्थान में विदेशी पर्यटकों का अकाल सा है। जुलाई व अगस्त में युवा सैलानी राजस्थान का रुख करते है लेकिन ऐसा लगता है इस बार उन्हें सांप सूंघ गया है। यूरोप और पश्चिमी देशों में इन दिनों गर्मी की छुट्टियां (Summer Vacations) चल रही हैं, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों से विदेशी पर्यटक नदारद नजर आ रहे हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि छुट्टियों के सीजन में विदेशी सैलानी भारत का रुख करते हैं, लेकिन राजस्थान में इस समय पर्यटन उद्योग ‘एक तरह से ऑफ-सीजन’ की मार ही झेल रहा है। जयपुर, उदयपुर, बीकानेर जोधपुर और जैसलमेर जैसे प्रमुख पर्यटन शहरों के विश्व प्रसिद्ध किलों, महलों और स्मारकों में विदेशी पर्यटकों की आवक काफी कम दर्ज की जा रही है। पर्यटन कारोबारी, गाइड , एस्कॉर्ट आदि भी परेशान है। ये है वजह:-

इस बार विश्व कप फुटबॉल के प्रति दीवानगी देखी गई। आयोजन समाप्ति के बाद अनेक देशों के लोगो ने घूमने का कोई दूसरा प्रोग्राम नही रखा। इसके अलावा यूरोपीय देशों से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में बढ़ोतरी और वैश्विक स्तर पर बढ़ी महंगाई के कारण कई पर्यटक लंबी दूरी की यात्राओं के बजाय अपने महाद्वीप के भीतर ही यात्रा करना किफायती मान रहे हैं। गर्मियों के सीजन में विदेशी पर्यटकों की कमी की भरपाई के लिए अब राजस्थान का पर्यटन विभाग और होटल व्यवसाय घरेलू पर्यटन (Domestic Tourism) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
- ‘राजस्थान इन समर’ कैंपेन: पर्यटन विभाग द्वारा गर्मियों में उदयपुर, माउंट आबू और मानसून गंतव्यों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं।
- ऑफ-सीजन डिस्काउंट: होटल और रिसॉर्ट्स द्वारा 30% से 50% तक के विशेष डिस्काउंट दिए जा रहे हैं ताकि मानसून और समर ट्रेवलर्स को आकर्षित किया जा सके।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि हालांकि अभी विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा कम है, लेकिन अक्टूबर से शुरू होने वाले आगामी ‘पिक सीजन’ के लिए बुकिंग्स का रुझान सकारात्मक दिख
