Thar पोस्ट, न्यूज। राजस्थान में सर्दी का मौसम है और यहां राजनीति गरमाई हुई है। बदलती राजनीति में संकेत मिले है कि सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और दोनों के खेमों के बीच चली आ रही खींचतान का जल्द पटाक्षेप हो सकता है। पार्टी विवाद का निपटारा कर आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरना चाहती है। ताकि एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी सरकार की परिपाटी को तोड़कर कांग्रेस सरकार राजस्थान में रिपीट करवाने में एकजुट होकर जुटा जा सके। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ऐसे संकेत दिए हैं।जयपुर में सर्किट हाउस में रंधावा से जब मीडिया ने सवाल पूछा कि कुछ नेताओं ने कहा है पहले पायलट और गहलोत का विवाद सुलझाएं। तो जवाब में रंधावा बोले- ”वह मेरा काम है। उनका काम नहीं है। मैं यहां बैठा हूँ। फाइव स्टार होटल में नहीं बैठा हूँ। लोगों के बीच में बैठा हूँ। हम इस विवाद को खत्म करेंगे। मेरा काम संगठन का गठन करना है। एक दो दिन में आप संगठन की लिस्ट देख लेंगे। आप मुझसे प्रेजेंट और फ्यूचर की बात करें। पास्ट की बात मत कीजिए।”सर्वे के आधार पर जिताऊ कैंडिडेट को विधानसभा टिकट देगी कांग्रेस
रंधावा ने कहा-इस बार राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट सर्वे के आधार पर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि टिकट वह फाइनल नहीं करने वाले हैं। टिकट जिताऊ उम्मीदवार को ही दिया जाएगा। उसके लिए पार्टी सर्वे करवाएगी। जो जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवार होगा और टिकट का हकदार होगा, उसे ही टिकट मिलेगा । नियुक्तियों की लिस्ट दो दिन में जारी करने की तैयारी
पिछले ढाई साल से पेंडिंग चल रहीं संगठनात्मक नियुक्तियां भी अगले दो दिन में कर ली जाएंगी। प्रभारी रंधावा ने कहा मैं पिछले दो दिन से फीडबैक ले रहा हूँ। आज भी फीडबैक लिया है। बहुत जल्दी संगठन को हम बढ़ाएंगे। एक-दो दिन में रिजल्ट भी देंगे। अभी तो मैंने संगठन के बारे में बात की है। किसी की टिकट के बारे में बात नहीं करूंगा। क्योंकि मुझे अभी किसी को टिकट नहीं देनी है। पहले डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन करूंगा।
साल 2020 में जब सचिन पायलट ने बगावत की थी और उन्हें बर्खास्त किया गया था। उसके बाद से ही संगठन में लगभग 90 फ़ीसदी से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। अब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रंधावा के बयान के बाद माना जा रहा है कि सभी पदों पर नियुक्तियां जल्द कर दी जाएंगी और नए साल की शुरुआत में ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को नियुक्तियों का तोहफा मिल सकता है।
संगठनात्मक नियुक्तियों में दोनों गुटों को मिलेगी तवज्जो
सूत्र बताते हैं कि पीसीसी, डीसीसी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में होने वाली संगठनात्मक नियुक्तियों में गहलोत और पायलट दोनों गुटों को तवज्जो देकर बैलेंस बनाने की कोशिश की जा सकती है। ताकि सचिन पायलट और उनके खेमे के नेता,विधायक, मंत्री भी पॉजिटिव सोच के साथ चुनाव में उतर सकें। विधानसभा चुनाव हारे हुए कई प्रत्याशियों ने भी फीडबैक के दौरान कहा है कि उन्हें भी नियुक्तियों में वरीयता दी जाए। क्योंकि उनके सामने लड़ने वाले निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक सत्ता सुख भोग रहे हैं।