






Thar पोस्ट न्यूज। भारत में जल्द ही प्लास्टिक के नोट दिखाई देंगे। इससे फटे-पुराने और भीगे हुए करेंसी नोटों की समस्या से मुक्ति मिलेगी। केंद्र सरकार ने 10 और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दे दी है।

ऐसे तैयार होंगे : कागजी नोटों की छपाई में कपास और विशेष पेपर का उपयोग होता है, जबकि प्लास्टिक नोटों को एक विशेष सिंथेटिक सामग्री से तैयार किया जाता है।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जिस पॉलीमर का उपयोग करने जा रहा है, उसे तकनीकी भाषा में बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन (BOPP) कहा जाता है। यह लगभग 90 माइक्रोन की मजबूत और पारदर्शी प्लास्टिक शीट होती है। इसी शीट के ऊपर नोट का अट्रैक्टिव डिजाइन, सीरियल नंबर और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स प्रिंट किए जाते हैं।
30 साल तक सुरक्षित: ₹10 और ₹20 के सामान्य कागजी नोट हाथों-हाथ घूमने, जेब में मुड़ने या पसीने से 1-2 साल में ही गल या फट जाते हैं। इसके विपरीत पॉलीमर नोट बेहद मजबूत होते हैं और लगभग 30 साल तक पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं। नोटों की उम्र लंबी होने के कारण रिजर्व बैंक को बार-बार नए नोट छापने और पुराने कटे-फटे नोटों को नष्ट करने में होने वाले अरबों रुपये के खर्च की बचत होगी। प्लास्टिक नोटों के आने से जाली नोटों (फेक करेंसी) के कारोबार पर पूरी तरह ब्रेक लग जाएगा।
