ताजा खबरे
महाराजा अग्रसेन जयंती की पूर्व संध्या पर निकली भव्य शोभायात्रापंचायत राज आम चुनाव : अनुपस्थित 34 कार्मिकों को नोटिस, होगी निलंबन की कार्यवाहीशारदीय नवरात्रा कल से, शुभ मुहूर्त व अन्यमारुती उद्योग को लगातार पांचवी बार मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मानशारदीय नवरात्रा में लगातार 82वें साल में गोकुल सर्कल पर होगा अखंड हरि कीर्तनप्रदर्शन : दिल्ली में क़िलाबन्दी ? सभी बॉर्डर सील‘पंचायत चुनाव जीतने पर कुंवारे युवकों की शादी कराउंगी’ : वोट दो-दुल्हन लो’अमेरिका में आरोपी को मौत की सजा सुनाई, लाइव दिखाने पर छिड़ी बहसडूंगर कॉलेज के शोधार्थी दीपक यादव को पीएच.डीआरोपी की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद धरना खत्म, मृतक का किया अंतिम संस्कार
IMG 20211122 WA0063 साहित्यिक व सांस्कृतिक सेतु थे डॉ. तैस्सितोरी Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
Share This News

Thar पोस्ट, बीकानेर। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से डॉ. एल. पी. तैस्सितोरी की पुण्यतिथि पर उनके समाधि-स्थल पर सोमवार को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान अकादमी कार्मिकों द्वारा डॉ. तैस्सितोरी के कृतित्व से प्रेरणा लेकर मायड़ भाषा के संवर्द्धन-उन्नयन के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया गया।इस अवसर पर कथाकार व अकादमी सचिव शरद केवलिया ने कहा कि डॉ. तैस्सितोरी राजस्थानी भाषा-संस्कृति के अमर साधक थे। वे बहुभाषाविद्, पुरातत्ववेत्ता व भाषावैज्ञानिक थे। उन्होंने भारत व यूरोप के मध्य भाषिक, साहित्यिक व सांस्कृतिक सेतु के रूप में कार्य किया। उन्होंने इटली से भारत आकर भारतीय संस्कृति, पुरातत्व, भाषा-साहित्य के लिए अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने बीकानेर आकर इस क्षेत्र का ऐतिहासिक सर्वेक्षण किया। इस अवसर पर सूचना सहायक केशव जोशी, कानसिंह, मनोज मोदी ने भी डॉ. तैस्सितोरी की समाधि पर पुष्प अर्पित किये व मोमबत्तियां जलाईं।


Share This News