





Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में सरकार ने कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों (MGGS) में फिर से हिंदी माध्यम शुरू करने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 70 से भी कम रह गई है। इसके बाद सरकार ने अंग्रेजी माध्यम जारी रखते हुए हिंदी माध्यम की कक्षाएं भी संचालित करने का निर्णय लिया है, ताकि स्कूलों में नामांकन बढ़ाया जा सके।

हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को कमजोर करने की कोशिश बताया है, जबकि भाजपा ने इसे व्यावहारिक फैसला करार दिया है। शिक्षा मंत्री दिलावर द्वारा कम नामांकन पर चिंता जताने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अगले पखवाड़े के भीतर नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्कूलों में पर्याप्त भवन और कक्ष उपलब्ध हैं, वहां हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं एक ही पाली में चलेंगी। वहीं, जगह की कमी वाले स्कूलों में दोनों माध्यम अलग-अलग पालियों में संचालित किए जाएंगे।
प्रदेश की 346 स्कूलों में कम मिले छात्र
यह समस्या पूरे प्रदेश में सामने आई है। सबसे अधिक 34 स्कूल जयपुर में प्रभावित हैं। इसके बाद सीकर (27), चूरू (22), जोधपुर (22), बीकानेर (18), दौसा (15), डूंगरपुर और बांसवाड़ा (14-14), भरतपुर (13), जालोर (12) तथा फलोदी और उदयपुर (11-11) स्कूलों में नामांकन बेहद कम पाया गया है।