Thar पोस्ट। राजस्थान में एक युवती ने बहादुरी की ऐसी मिसाल पेश की है कि अब सब उसकी हिम्मत की दाद दे रहे है। सवाई माधोपुर जिले से खंडार क्षेत्र के टोडरा गांव में एक बहन ने अपनी जान की परवाह किए बिना पैंथर के हमले का सामना किया और अपने भाई को मौत के मुंह से वापस खींच लाई। यह पूरी घटना सोमवार देर रात की है, जब रणथंभौर क्षेत्र से भटककर एक पैंथर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया।

रात करीब एक बजे रणथंभौर की फलौदी रेंज से निकला पैंथर टोडरा गांव के गुर्जर मोहल्ले में पहुंच गया। घनी आबादी के बीच वह कई मकानों की छतों से होता हुआ बद्रीलाल गुर्जर के करीब 15 फीट ऊंचे मकान की छत पर जा पहुंचा। उस समय परिवार के सदस्य छत पर सो रहे थे। इसी दौरान पैंथर ने सो रहे राज गुर्जर पर हमला कर पैंथर के हमले के दौरान राज की बहन राधा की नींद खुल गई। सामने का दृश्य देखकर वह घबरा जरूर गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। अपने भाई को बचाने के लिए वह सीधे पैंथर से भिड़ गई। राधा लगातार शोर मचाती रही और पैंथर से संघर्ष करती रही। बताया जा रहा है कि पैंथर राज को घसीटते हुए छत के अंतिम छोर तक ले गया था, लेकिन बहन ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।
राधा ने बताया कि पैंथर उसके भाई को आसानी से छोड़ने को तैयार नहीं था। वह उसे घसीटते हुए पड़ोसी मकान की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान दोनों मकानों के बीच बनी करीब तीन फीट ऊंची दीवार उसके रास्ते में आ गई, जिससे पैंथर की गति धीमी पड़ गई। वह डरी हुई थी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। मेरे मन में बस एक ही बात थी कि किसी तरह भाई को बचाना है। इसी दौरान शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। यदि कुछ सेकंड और देर हो जाती, तो भाई को बचा पाना बेहद मुश्किल हो जाता। इसी बीच शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। लोगों की आवाजें सुनकर पैंथर वहां से भाग निकला।
गांव के लोग राधा की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। जिस तरह उसने अपनी जान जोखिम में डालकर पैंथर का सामना किया, उसे लोग साहस और भाई-बहन के अटूट रिश्ते की मिसाल बता रहे हैं।