Thar पोस्ट न्यूज। अप्रतिम इवेंट्स बीकानेर द्वारा आयोजित बेहतरीन अदाकारा नूतन की फिल्म के गानों पर आधारित नूतन स्पेशल म्यूजिक शो कल रात टाउन हॉल में संपन्न हुआ!


कार्यक्रम का शुभारंभ बीकानेर विकास प्राधिकरण के उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया. कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ बी के विनावरा मेडिकल कॉलेज, विशिष्ट अतिथि डॉ अशोक कुमार मीणा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी भाजपा युवा उद्यमी अरुण अग्रवाल तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ शशि बेसवारिया ने सहयोग प्रदान किया!
अप्रतिम क्लब के महिला व पुरुष गायक सदस्यों ने”तू प्यार का सागर है ‘सामूहिक भजन गाकर कार्यक्रम का आगाज किया!अप्रतिम क्लब के गायक सदस्यों ने नूतन की फिल्मों के लगभग दो दर्जन एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी!इस कार्यक्रम की एकमात्र अतिथि गायिका गोपिका सोनी ने स्वयं एकल वह अप्रतिम क्लब के गायक सदस्यों के साथ युगल गीत गाकर नूतन का प्रतिनिधित्व किया! मंच संचालन कर रहे देवेंद्र सिंह ने अपनी मधुर गायकी व मंच संचालन से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा!
डॉ के आर मीना ने अपनी गायकी के साथ-साथ तकनीकी रुप से भी कार्यक्रम को निखारा व गरिमा प्रदान की!
मुख्य अतिथि ऋषि सुधांशु पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीकानेर के विकास के साथ-साथ यह भी
जरूरी है की जनता अपनी विरासत को संजोकर रखे!
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ बीके बिनावरा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा आजकल के व्यस्त जीवन में हमें ऐसे कार्यक्रम सुकून देते हैं!
पूर्व में अनेक फैशन शो के आयोजक रहे विशिष्ट अतिथि अरुण अग्रवाल ने कहा कि संगीत के ऐसे कार्यक्रम निरंतर होने चाहिए! अप्रतिम इवेंट्स ने इसे कायम रखा है तभी आज यह प्री सिल्वर जुबली शो तक पहुंच पाए हैं!
गोपिका जी द्वारा गाए गए अंतिम गीत “ऐ वतन तेरे लिए ” में सभी गायको ने कोरस में साथ देकर पूरे वातावरण को देशभक्ति मय बना दिया!कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक मुनीन्द्र प्रकाश अग्निहोत्री ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया!
कार्यक्रम में नूतन की फिल्मों के लोकप्रिय गानों का चयन किया गया था!
जलते हैं जिसके लिए, चंदन सा बदन चंचल चितवन, देखो रूठा ना करो, ये रातें ये मौसम नदी का किनारा, एक हंसी शाम को दिल मेरा खो गया, हम तुम युग युग से ये गीत मिलन के गाते रहे हैं, सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी, दिल ने फिर याद किया, नीं बलिए रितु है बहार की, नील गगन पर उड़ते बादल आ, आ, आ, आदि सभी लोकप्रिय गीत गाए गए!