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IMG 20260112 174348 scaled ट्रंकी निर्माण सामान खरीद में करोड़ों रूपये का फर्जी भुगतान उठाने का आरोप Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट न्यूज, बीकानेर। जोधपुर विद्युत वितरण निगम में ट्रंकी कार्य के लिये खरीदे गये सामान में करोड़ों रूपये का फर्जी भुगतान उठाकर डिस्कॉम को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है। जिसकी शिकायत के बाद भी न तो सरकार और न ही डिस्कॉम की ओर से फर्म के खिलाफ कोई कार्यवाही की जा रही है। अगर फर्म के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया तो 19 जनवरी से मुख्य अभियंता कार्यलय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। ये आरोप जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कर्मचारी मजदूर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामकुमार व्यास ने प्रेस वार्ता के दौरान लगाएं है। व्यास ने बताया कि मैसर्स भवरिया इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा लि जयपुर द्वारा पीसीसी पोल के न तो ई वे बिल बनाया गया और न ही जांच कमेटी को उपलब्ध करवाये गये। सामान देने वाली फर्मों से जानकारी प्राप्त करने पर पाया गया भवरिया इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा लि द्वारा खरीदे गये ट्रांसफार्मर के मूल इनवॉइस 12 लाख की है। उसमें फर्जीवाडा कर 65 लाख इनवॉयस बताया गया।
लंबे समय से नहीं हो रही पदोन्नति,पद भी रिक्त
व्यास ने बताया कि 1992 में लगे कर्मचारियों की अब तक पदोन्नति नहीं हुई है। जबकि उनके बाद लगे कर्मचारी पदोन्नति हो गये है। जो न्याय संगत नहीं है। 350 से अधिक कर्मचारी अपनी पदोन्नति के इंतजार में है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के उस बयान को भी हास्यापद बताया जिसमें उन्होंने जिले में पद से ज्यादा कर्मचारी होना बताया। व्यास ने कहा कि 2317 पदों पर महज 930 कार्मिक ही कार्यरत है। इतने अधिक पद रिक्त होने के बाद भी बीकानेर जिले के कार्मिकों का स्थानान्तरण जिले से बाहर कर उन्हें प्रताडि़त किया गया है। ऐसे में जोविविनिलि के कर्मचारी मानसिक तनाव में काम कर रहे है।
मारने की मिली धमकी
व्यास ने बताया कि जब उन्होंने विभाग में हो रहे महाभ्रष्टाचार की शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर सरकार तक के आलाधिकारियों व मंत्री स्तर तक की तो उन्हें अधिशाषी अभियंता ने शिकायत वापस लेने की सलाह देते हुए कहा कि ऑफिस से घर तक जाते वक्त किसी वाहन की चपेट में आ सकते हो। ऐसे में उन्हें मारने की धमकी भी दी गई है। लेकिन वे इससे विचलित होने वालों में से नहीं है।


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