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IMG 20251212 100508 चिकित्सक व कॉलेज प्राचार्य 50 हज़ार की रिश्वत के साथ गिरफ्तार Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट न्यूज। सरकार द्वारा हर महीने लाखो रुपये की सैलरी अधिकारियों को दी जाती है। लेकिन इसके बाद भी कभी चिकित्सा तो कभी पुलिस तो कभी विकास प्राधिकरणों में जमकर रिश्वत ली जाती है। हालांकि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार कार्रवाई में जुटी है. एसीबी की टीम प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों के घूसखोर कर्मियों पर शिकंजा कस रही है. ताजा मामला सिरोही के एक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने प्रिंसिपल के घर से छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार प्रिंसिपल ने 50000 रुपये की रिश्वत ली थी. एसीबी की टीम ने भीमराव अंबेडकर गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज सिरोही के प्रिंसिपल को जयपुर आवास से गिरफ्तार किया है. प्रिंसिपल श्रवण मीणा को 50000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है.एसीबी के मुताबिक, जयपुर एसीबी की टीम को एक शिकायत मिली थी. जिसमें परिवादी ने शिकायत में कहा था कि भीमराव अंबेडकर गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज सिरोही के प्रिंसिपल श्रवण मीणा उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग कर परेशान कर रहे हैं. श्रवण मीणा परिवाद से कॉलेज हॉस्टल में ठेकेदार के बिल पास करने की एवज़ में 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामला का सत्यापन करवाया तो मामला सही साबित हुआ. वहीं प्रिसिंपल को गिरफ्तार करने के लिए जयपुर स्थित आवास पर छापेमारी की गई. राजा पार्क इलाके में DG एसीबी गोविंद गुप्ता के निर्देश पर प्रिंसिपल को ऱिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. अब एसीबी आगे की कार्रवाई कर रही है। राजस्थान के अधिकांश सरकारी महकमों में रिश्वत धड़ले से ली जा रही है। बीकानेर में तो एक विभाग ऐसा भी है जहाँ कर्मचारी रिश्वत भी दबंगता से लेते है। जमीनों से जुड़े इस विभाग में कर्मचारी कहते है कि वो कई बार निलंबित होकर बहाल हो चुके है उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पूरे कुए में भांग घुली है चैन बनी हुई है। देश के नागरिक आखिर कहां जाए और किससे फरियाद कहे? चिकित्सा से जुड़ा कोई व्यक्ति रिश्वत लेता है तो जनता आखिर किस पर विश्वास करें।


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