ताजा खबरे
‘पंचायत चुनाव जीतने पर कुंवारे युवकों की शादी कराउंगी’ : वोट दो-दुल्हन लो’अमेरिका में आरोपी को मौत की सजा सुनाई, लाइव दिखाने पर छिड़ी बहसडूंगर कॉलेज के शोधार्थी दीपक यादव को पीएच.डीआरोपी की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद धरना खत्म, मृतक का किया अंतिम संस्कारहनुमानगढ़ में पंचायत एवं जिला परिषद चुनावों को लेकर भाजपा ने तेज की तैयारियांमहाजन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने की कार्यवाहीये 9 रेलसेवाएं रद्द रहेंगी, ये है वजहसूर्य मंदिर में हुआ तर्पण, शहीदों के सम्मान में पोस्टर लगाकर दी श्रद्धांजलिआक्रोशित पार्षदों ने आयुक्त कार्यालय के आगे कचरा डाला, बेहाल सफाई व्यवस्थाबीकानेर संभाग : साधु का शव 50 घण्टे बाद निकाला, 6 के खिलाफ हत्या का मामला
IMG 20250425 222212 पानी की एक बूंद भी पाकिस्तान नहीं जाएगी- गृहमंत्री, सिंधु नदी जल समझौते की बैठक Rajasthan News Portal दिल्ली
Share This News

Thar पोस्ट। आज हुई बैठक में भारत सरकार ने सिंधु नदी जल समझौते को तोड़ दिया है और इस बात की तैयारी शुरू कर दी है कि पाकिस्तान को बूंद-बूंद पानी के लिए भी तरसा दिया जाए। इस मामले को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ बैठक की है। दोनों नेताओं की बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई है कि एक बूंद पानी भी पाकिस्तान नहीं जाने दिया जाए।

अमित शाह और सीआर पाटिल की बैठक में ये तय हुआ कि पानी रोकने के हर तरीके पर तुरंत काम शुरू कर दिया जाए। दोनों नेताओं के बीच शार्ट टर्म और लांग टर्म रणनीति पर भी बात हुई। शाह की मीटिंग में सिंधु नदी पर सिर्फ पाटिल बैठे थे। विदेश मंत्री एस जयशंकर का विषय कुछ और था और वो मिलकर निकल गए। भारत ये तय करेगा कि एक भी बूंद पानी नहीं पाकिस्तान जाने दिया जाए।

गृह मंत्री अमित शाह और सीआर पाटिल के बीच हुई बैठक में सिंधु नदी के जल को लेकर विस्तार से बात हुई है। सिंधु नदी के सिल्ट हटाने और ड्रेजिंग करने का काम तुरंत शुरू होगा। पानी को डायवर्ट की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। ये पानी वैसी नदियों में भी डायवर्ट किया जा सकता है जिसमें पानी की कमी रहती है। इस पानी का उपयोग सिंचाई के लिए कैसे किया जाए और बांध बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

यह है सन्धि : 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का ऐलान किया है। भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान को इस बारे में औपचारिक पत्र भी जारी कर दिया है। पत्र में स्पष्ट किया कि संधि को निलंबित करने का निर्णय भारत सरकार ने गहन विचार-विमर्श के बाद लिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता 1960 में हुआ था। समझौते के तहत सिंधु, झेलम, और चेनाब का जल अधिकार पाकिस्तान को और रावी, ब्यास और सतलुज का जल अधिकार भारत को मिला। पाकिस्तान की करीब 80% कृषि सिंचाई सिंधु जल प्रणाली पर निर्भर है। सिंधु जल समझौते पर भारत के रोक लगाने से पाकिस्तान में गर्मी के इस सीजन में जल संकट उत्पन्न होगा, आम जीवन व कृषि पर गहरा असर पड़ेगा।


Share This News