ताजा खबरे
चुनाव :मोहता चौक में रौबीलों ने की आमजन से मतदान की अपीलचुनाव : मतदान दलों की रवानगी मंगलवार को, अनुपस्थितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देशचुनाव : साढ़ू भाइयों में कौन पड़ेगा भारी ?चुनाव : निर्दलीय व बागी बिगाड़ेंगे पार्टियों का ‘खेल’ ! मगर कठिन है महापौर की डगरदेशभर के प्रमुख समाचार* एक नज़रआज 15 जिलों में फिर मौसम बिगड़ेगा, इतने दिन तक बारिश के आसार85 लाख रुपये की दही हांडी पर महिला गोविंदा टोली का कब्जा, बीकानेर में हुए कार्यक्रमवार्ड 73 में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में हुई सभाचुनाव : अलबेला चुनाव और पार्टियों का विरोध! नेताओं में टेंशन, मारपीट मामले में शहर अध्यक्ष ने कही ये बातजिला उद्योग संघ में मतदान जागरूकता अभियान,युवा उद्यमियों ने लिया शत प्रतिशत मतदान का संकल्प
IMG 20231123 090506 19 महिलाएं परोसेंगी अब शराब, सरकार ने बदला 116 साल पुराना कानून, महिला मोर्चा कर रहा विरोध Rajasthan News Portal देश
Share This News

Thar पोस्ट। महिलाएं अब शराब भी परोसेंगी। इसके लिए 116 साल पुराने कानून में बदलाव किया गया। बेंगलुरू, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में महिलाएं लाइसेंस प्राप्त बार या रेस्ट्रां में काम कर सकती हैं। इसके अलावा केरल और गोवा में भी महिलाओं को बार में काम करने की इजाजत है। आबकारी विभाग इसके लिए एफएल-3 लाइंसेस जारी करता है। जिन बार के पास यह लाइसेंस होता है, वह महिलाओं को काम पर रख सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 116 साल पुराने कानून में बदलाव करते हुए शराब दुकानों में महिलाओं को काम करने की इजाजत दे दी है। बार या कैफे में भी अब महिलाएं काम कर सकती हैं और शराब परोस सकती हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा में ये बिल पास कराया गया था। ऐसे में बंगाल एक्साइज एक्ट 1909 में संशोधन कर ऑन शॉप शराब दुकानों में महिलाओं के काम करने पर लगे प्रतिबंध को हटाया गया। पश्चिम बंगाल वित्त विधेयक, 2025 को राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में पेश किया। इसके पारित होने के बाद महिलाओं को बार या शराब की दुकान में काम करने की इजाजत मिल गई है। 

इस बारे में बीजेपी का कहना है कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। इन हालातों में बार में काम करते वक्त महिलाओं को सुरक्षा कौन देगा? इसी का विरोध करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की तरफ से प्रोटेस्ट मोर्चा निकाला गया। कॉलेज स्क्वेयर से शुरू होते हुए यह मार्च बहु बाजार के एक्साइज डिपार्टमेंट ऑफिस तक पहुंचा।

दुकानों में शराब खरीदने के साथ बैठकर पीने की भी व्यवस्था होती है, उन्हें ऑन कैटेगरी शराब दुकान कहते हैं। वहीं, जिन दुकानों में ग्राहक सिर्फ शराब खरीद सकते हैं। वहां बैठकर पी नहीं सकते, उन दुकानों को ऑफ कैटेगरी दुकान कहा जाता है। यहां से शराब सिर्फ खरीदी जा सकती है।


Share This News