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IMG 20210611 WA0102 ईद ए गुलाबी व जश्न ए आब पाशी नाम से होली मनाए जाने के साक्ष्य प्रस्तुत Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर के इतिहास विभाग और इंटरनेशनल रिसर्च फाउंडेशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में होली : भारतीय मूल्यों और संस्कृति की संरक्षक विषय पर आयोजित दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में एमजीएसयू के इतिहास विभाग की डॉ मेघना शर्मा ने पत्र वाचन किया। डॉ शर्मा ने मध्यकालीन इतिहास काल से मुस्लिम नवाबों, पादशाहों व आम समाज में होली मनाने के तथ्यात्मक वर्णन के साथ अपना उद्बोधन दिया।
मणिपुर की प्रो. हाओपी होकिप की अध्यक्षता में प्रथम दिवस के द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रस्तुत अपने पत्र में डॉ मेघना ने गज़नी काल के अल बरूनी, सल्तनत काल के अमीर खुसरो, और मुगल काल के रसखा़न सहित अनेक मुस्लिम इतिहासकारों व लेखकों की लेखनी के माध्यम से उल्लेखित दोहों पंक्तियों के उदाहरण देते हुए तत्कालीन समाज में ईद ए गुलाबी व जश्न ए आब पाशी नाम से होली मनाए जाने के साक्ष्य प्रस्तुत किए।
संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. पीयूष भादविया ने बताया कि संगोष्ठी में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, सिंगापुर, अमरीका, वियतनाम आदि राष्ट्रों से भी विद्वानों द्वारा प्रतिभागिता निभाई जा रही है।


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