Thar पोस्ट। राजस्थान विश्व विद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने कोरोना की दूसरी भीषण लहर से उत्पन्न विषम परिस्थितियों में राजस्थान सरकार के साथ आर्थिक सहकार की दृष्टि से स्वेच्छया एक दिन का वेतन काटने का प्रस्ताव दिया है। संघठन के महामंत्री डॉ सुशील कुमार बिस्सु ने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत को इस आशय का पत्र भेजते हुए बताया कि कोरोना की दूसरी विकराल लहर से संकटग्रस्त जन जीवन की सुरक्षा में केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ दृढ़ता से प्रयत्नशील हैं। डॉ बिस्सु ने कहा कि कोरोना जैसी भीषण महामारी का मुकाबला सामूहिक शक्ति और सजगता से ही संभव है। ऐसी भीषण परिस्थितियों में रुक्टा (राष्ट्रीय) का प्रत्येक कार्यकर्ता राज्य सरकार के साथ यथासंभव आर्थिक सहयोग को अपना नैतिक कर्तव्य समझता है।संगठन के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि रुक्टा (राष्ट्रीय) का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के संकट को स्वयं का संकट मानते हुए संकट काल में हर संभव सहयोग की भावना रखता है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष कोरोना की पहली लहर के प्रारम्भ में ही रुक्टा (राष्ट्रीय) ने सबसे पहले स्वेच्छा से एक दिन का वेतन काटने का प्रस्ताव माननीय मुख्यमंत्री को दिया था। गतवर्ष संगठन की प्रेरणा से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहायता कोष में धनराशि जमा करायी तथा स्थानीय स्तर पर स्वयं तथा सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर धनराशि, राहत सामग्री और संसाधन उपलब्ध करा कर अपने सामाजिक कर्तव्य का निर्वहन किया था।संगठन ने इस दूसरी लहर की विभीषिका में भी शिक्षक साथियों से सरकार, सामाजिक संंगठनों के साथ मिलकर तथा अपने व्यक्तिगत स्तर पर भी तन, मन, धन से समाज सेवा के साथ साथ यह आह्वान किया है कि सभी शिक्षक साथी अपने आस पास सामाजिक दूरी, मास्क लगाने और अवसर आने पर वैक्सीन लगवाने के लिए वातावरण निर्माण करना अपना सामाजिक दायित्व समझें।डॉ सुशील कुमार बिस्सुमहामन्त्री, रुक्टा (राष्ट्रीय)