

Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में निर्दलीय पार्षदों पर नज़र है। आज जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के महापौर पद के साथ कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। चारों निकायों में कुछ वार्डों के पुनर्मतदान के चलते 21 सितंबर को प्रमुख पदों का चुनाव टाल दिया गया था। अब पुनर्मतदान पूरा होने के बाद शुक्रवार को इन पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है। जयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना शुरू होगी और शुक्रवार को ही परिणाम घोषित किया जाएगा। 150 निर्वाचित पार्षद महापौर का चुनाव करेंगे। भाजपा ने सुनील कोठारी और कांग्रेस ने सुनीता मावर को मैदान में उतारा है। नाम वापसी के बाद दोनों के बीच सीधा मुकाबला है।










बीजेपी को बहुमत लेकिन निर्दलीयों पर टकटकी
जयपुर में महापौर बनने के लिए 76 वोट जरूरी हैं। भाजपा के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा संख्या बल के हिसाब से बहुमत से दो वोट आगे है। लेकिन यहां भी निर्दलीय पार्षदों पर नज़र है।
दोनों दलों के घोषित संख्या बल के बावजूद वास्तविक वोटिंग के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना पर नजर रहेगी। भाजपा के लिए अपने सभी 78 पार्षदों को साथ रखना अहम होगा, जबकि कांग्रेस की निगाह निर्दलीयों के साथ भाजपा खेमे के संभावित असंतुष्ट पार्षदों पर रहेगी।
कोटा नगर निगम में महापौर पद के लिए भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी और कांग्रेस की सुनीता सुमन के बीच मुकाबला है। 100 सदस्यीय निगम में भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। बहुमत के लिए 51 वोट चाहिए। दो निर्दलीय पार्षद भाजपा को समर्थन दे चुके हैं, जिससे उसका समर्थन 59 तक पहुंच गया है। वहीं कांग्रेस को बहुमत के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।
कोटा जिले की 25 वार्ड वाली सुकेत नगरपालिका में पहली बार अध्यक्ष का चुनाव होगा। यहां कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। अध्यक्ष बनने के लिए 13 वोट चाहिए। भाजपा ने जितेंद्र चोपड़ा और कांग्रेस ने उमरदीन खान को प्रत्याशी बनाया है। दोनों दलों ने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की है।
