






Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में भारी बारिश से एक स्कूल ही टापू बन गई। प्रदेश के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झीकनी में लगातार हो रही बारिश के चलते नाले का पानी विद्यालय परिसर में घुस गया। नाले में तेज बहाव बढ़ता देख स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान ग्रामीणों ने स्टाफ के सहयोग से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। जबकि मनोहरथाना इलाके में पूर्व में पीपलोदी सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात स्टूडेंट्स की मौत हो चुकी है और दो दर्जन स्टूडेंट्स घायल हुए थे। इसके बावजूद बारिश के दिनों में अनदेखी भारी पड़ सकती है।

इस स्कूल के सात अध्यापकों और करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने साहस दिखाया और विद्यालय में मौजूद करीब 80 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। अध्यापकों और ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। वहीं, नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से विद्यालय की करीब 50 फीट लंबी बाउंड्री क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि समय रहते बच्चों को स्कूल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े
स्कूलों में पानी घुसने से हालात बिगड़ गए। ऐसा ही एक मामला मनोहरथाना उपखंड क्षेत्र के सरकारी स्कूल में देखने को मिला। यहां स्कूल में पानी घुसने के बाद करीब 80 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जबकि इसी क्षेत्र में पीपलोदी स्कूल हादसे के चलते सात बच्चे स्कूल की छत गिरने से अकाल मौत का शिकार हुए थे। लेकिन, बावजूद इसके बच्चों को स्कूल से समय पर नहीं छोड़ने से हालात बिगड़ते नजर आए।
