SAVE 20260617 191734 पीबीएम सुधारो जनआंदोलन के सातवें दिन महिला कांग्रेस का धरना Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट न्यूज। ‘‘पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’’ के तहत सातवें दिन जिला महिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़ व देहात अध्यक्ष शान्ति बेनिवाल के नेतृत्व में पीबीएम अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने धरना प्रदर्शन किया गया। पीबीएम सुधारो जनआंदोलन के तहत आंदोलनकारी महिलाओं ने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं, चिकित्सकीय लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की मांग की।

शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़ एवं देहात अध्यक्ष शान्ति बेनिवाल में कहा कि प्रसूताओं की डिलीवरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से छह महिलाओं की किडनी खराब होने का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उनका आरोप है कि इस घटना ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल में मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, चिकित्सकीय लापरवाही के कारण अनेक मरीजों की मौत हो चुकी हैं तथा अस्पताल प्रशासन विभिन्न समस्याओं के समाधान में विफल साबित हुआ है। उन्होंने राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्रसिंह खिंवसर द्वारा प्रसूताओं के प्रति असोभनीय बयान की भी कड़े शब्दों में निन्दा की।

देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग व शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, पारदर्शी व्यवस्था और जनहित के लिए है। उन्होंने कहा कि जनता को गुणवत्तापूर्ण एवं जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग भी की।

धरना स्थल पर पहुंचे लूणकरनसर कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. राजेन्द्र मूण्ड ने पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरे संभाग के लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र पीबीएम अस्पताल आज गंभीर अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन स्थिति सुधारने के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं। मूण्ड ने डिलीवरी के बाद छह प्रसूताओं की किडनी खराब होने की घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। साथ ही अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार, चिकित्सा सुविधाओं की कमी और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो आमजन का स्वास्थ्य सेवाओं से विश्वास उठ जाएगा।

‘‘पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’’ में निम्नाकिंत मांगे प्रमुखरूप से सरकार व प्रशासन के सामने रखी गई हैं, उनके समाधान हेतु चेतावनी दी हैं कि समय रहते उपरोक्त 10 सूत्री समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो निकट समय में जनआंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।

  1. सीएम मूंधड़ा मेडिसिन विंग को तत्काल शुरू किया जाए।
  2. वर्षों से तैयार जनाना (गायनिक) विंग का शीघ्र संचालन प्रारंभ किया जाए।
  3. पीबीएम अस्पताल में हुए भ्रष्टाचार की जांच अस्पताल प्रशासन से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा अधिकारी से करवाई जाए।
  4. अस्पताल की संपूर्ण सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कर स्वच्छ एवं संक्रमण मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
  5. सभी आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  6. सभी प्रकार की जांचों (टेस्ट, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि) की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  7. प्रशासनिक लापरवाही के कारण बंद पड़े सभी चिकित्सा उपकरणों को तत्काल चालू किया जाए।
  8. ड्यूटी समय में सभी चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
  9. चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित उन प्रसूता महिलाओं को, जिनकी किडनी खराब हुई है, 25 लाख का मुआवजा दिया जाए।
  10. मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, अभद्रता एवं मारपीट की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि आज के धरना प्रदर्शन में डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, महिला सेवादल अध्यक्ष अंजु पारख, डॉ. प्रीति मेघवाल, शर्मिला पंचारिया, लक्ष्मी गुप्ता, शलीना खां, राजभटनागर, आशादेवी स्वामी, धाई देवी, पूर्व पार्षद गुड्डी देवी डेलू, नवनीत कौर, खूरशिदा बानो बागवान, कांता भाटी, पुष्पा देवी, आनन्दी देवी, भंवर कूकणा, श्रीकृष्ण गोदारा, आनन्द कुमार जोशी, राजपाल कुल्हरी, ओमप्रकाश शर्मा, केदारमल कठातला, प्रेम प्रकाश सारण, रामनिवास तर्ड, शिवदान मेघवाल, एजाज अहमद पठान, सांवरलाल भादू, प्रेम जोशी, हजारीराम देवड़ा, रिछपाल सिगड, चम्पालाल बारूपाल, अब्दुल रहमान लोदरा, मुरलीधर पन्नू, धनसुख आचार्य, टीकुराम मेघवंशी, साबिर, मुकेश सारण, राकेश, पंकज भादू, बजरंग, प्रेम चौधरी, देवीलाल जाखड़, मो. कैफ, विजय कुमार, सन्दीप कुमार नायक, गणेश गौस्वामी, अर्जून सियाग, भंवरलाल जाट, रामतन डेलू, राजकुमार, राहुल कुलरिया, एड. मनोज नायक, पन्नाराम नायक, ईमरताराम नायक, पार्षद मनोज नायक, मनोज थोरी, हाजिर खां, विनोद कुमार, दिनेश मीणा, नरेश धतरवाल, हनुमान गोदारा, विनय कुमार आचार्य, विजयपाल डेलू, गोपालराम सियाग, कमल गोयल, परमाराम माचरा, दिपक चौधरी, किशन राईका, भगवानाराम, एड. मोतीलाल राईका, बलराम कूकणा, कालू खां, मनोज कुमार सहु, सुभाष धुंधवाल, प्रेमाराम कस्वां आदि सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्तागण शामिल रहें।


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