





Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में मौसम बदल रहा है। मौसम विभाग ने हीट वेव की चेतावनी जारी कर दी है। मई व जून का महीना भीषण गर्मी के लिए खासकर उत्तर पश्चिमी राजस्थान में प्रसिद्ध है। इस दौराम तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। वर्तमान में 45 के पार हो चुका। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच का समय आमतौर पर सबसे खतरनाक माना जाता है और इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। इससे शरीर में हीट स्टोक और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस समय धूप और गर्मी अपने चरम पर होती है। अंगारे उगलती सूर्य की किरणें अपने पीक पर होती हैं। अगर आप इस वक्त घर से बाहर निकलते हैं तो शरीर की नेचुरल कूलिंग प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। गर्मी के तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए, भले ही शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई न दें। इस वक्त धूप में निकलने से तेजी से निर्जलीकरण होने का खतरा रहता है। इस समय अगर आप थोड़ी देर के लिए भी बाहर निकलते हैं, तो तुरंत पसीना आने लगता है और शरीर सूखने लगता है। जब तक प्यास या थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक शरीर पहले से ही इसकी भरपाई करने में लगा होता है तेज गर्मी में निकलने से जब शरीर से पसीना अधिक निकल जाता है तो थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। कई बार इंसान को इसका अहसास नहीं होता है लेकिन सिरदर्द, चक्कर आना और असामान्य थकान जैसे शुरुआती लक्षणों पर भी गौर करना चाहिए।



अनेक रोगों में भी तेज असर होगा। भीषण गर्मी के दौरान घर से निकलना घातक हो सकता है। इससे हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। तापमान ज्यादा होने के कारण अंदरूनी अंगों पर तनाव पड़ता है। गर्म मौसम में शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इसका मतलब अक्सर त्वचा की ओर अधिक ब्लड फ्लो करना होता है। इससे दिल पर दबाव पड़ता है। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे की बीच घर से न निकलें। अगर किसी वजह से जाना पड़ रहा है तो पानी पीते रहें। धूप में खड़े होने की बजाय कहीं छाया में खड़े हों। सिर और शरीर को किसी सूती कपड़े से कवर करके रखें। आंखों पर काला धूप से बचने वाला चश्मा लगाएं। जहां तक संभव हो पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हुए रहें। हल्का खाना खाकर घर से निकलें। पानी के अलावा पानी से भरपूर चीजें भी खाते रहें। खाली पेट बाहर ना निकले।