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IMG 20241023 101608 WHO ने जारी की एडवाइजरी, 42 दिन रोगी को आइसोलेशन में रखें Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
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Thar पोस्ट न्यूज। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने हंता वायरस को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। हम सभी यही जानते थे कि यह वायरस चूहों की गंदगी से फैलता है, लेकिन WHO के चीफ डॉ. टेड्रोस ने बताया है कि इसका एंडिस वायरस वाला रूप अब इंसानों के जरिए भी एक-दूसरे में फैल सकता है। MV Hondius जहाज पर इसके 8 मरीज मिले हैं, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए WHO ने सख्त नियम बना दिए हैं ताकि इसे दुनिया में फैलने से रोका जा सके। राहत की बात बस इतनी है कि यह कोविड की तरह हवा की रफ्तार से नहीं फैलेगा, लेकिन फिर भी बहुत सावधान रहने की जरूरत है।

WHO के मुताबिक, एंडिस वायरस दुनिया का ऐसा है जो एक बीमार इंसान से दूसरे स्वस्थ इंसान के शरीर में जा सकता है। अगर कोई इस वायरस से बीमार व्यक्ति के बहुत करीब रहता है या उसके संपर्क में आता है, तो उसे भी यह बीमारी हो सकती है। इस वायरस का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि शरीर में जाने के बाद इसके लक्षण दिखने में 6 हफ्ते (42 दिन) तक लग सकते हैं। यानी मरीज को खुद पता नहीं चलेगा कि वह बीमार है और वह अनजाने में दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है।

1950 के दशक में कोरियाई युद्ध के दौरान करीब 3,000 अमेरिकी और कोरियाई सैनिक एक रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आ गए थे। उस समय इसे कोरियाई रक्तस्रावी बुखार कहा गया था, जो बाद में हंता वायरस के रूप में पहचाना गया। साल 1993 में अमेरिका के फोर कॉर्नर्स इलाके में भी इस वायरस ने कोहराम मचाया था, जहां अचानक कई स्वस्थ लोगों की मौत फेफड़ों में पानी भरने (Hantavirus Pulmonary Syndrome) की वजह से हो गई थी। हंता नदी के नाम पर इसका नाम पड़ा।


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