





Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर में 2 को महापड़ाव है। पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे खेजड़ी बचाओ अभियान के तहत खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने के लिये कानून बनाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदेशभर के वनप्रेमी बीकानेर में जुटेंगे और आर-पार की संघर्ष का शंखनाद करेंगे। पॉलिटेक्निक कॉलेज में पहले एक सभा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें संत समाज के लोगों के साथ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।महापडाव के संयोजक परसाराम ने बताया कि दोपहर बाद बिश्नोई धर्मशाला के सामने अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू होगा।





खेजड़ी की बेटी विषय पर नाटक का मंचन, भजन संध्या और रात्रि जागरण होगा। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि मुकाम के पीठाधीश्वर रामानंद महाराज के सानिध्य में महापड़ाव का शंखनाद किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में साधु संत समाज, 36 कौम के लोग शामिल होंगे। जनसभा और महापड़ाव में 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है।महापड़ाव में निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी, अभिमन्यू पूनिया के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और अनेक पंच सरपंच भी महापड़ाव में भागीदारी निभाएंगे। पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई की ओर से बीकानेर बंद की अपील का भी प्रभाव देखने को मिला है।
महापड़ाव के समर्थन में क्षत्रिय सभा, बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल, सट्टा बाजार एसोसिएशन, गणपति प्लाजा मार्केट एसोसिएशन, खंजाची मार्केट एसोसिएशन, केईएम रोड व्यापार मंडल ,भैरूजी गली व्यापार संगठन, जैन मार्केट के व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की घोषणा की है। पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने प्रदेश के अनेक जिलों व बीकानेर जिले से महापड़ाव में शामिल होने वाले वनप्रेमियों की भारी संख्या की संभावना को देखते हुए व्यापारियों से बीकानेर बंद की अपील की है। उन्होंने व्यापारिक संगठनों से आग्रह किया है कि इस महापड़ाव में अन्य जिलों से वनप्रेमी वाहनों में आएंगे। शहर के मुख्य मार्ग सहित नेशनल हाईवे पर जाम लग सकता है। ऐसे में अगर व्यापारी अपने प्रतिष्ठान स्वत:बंद कर ले तो निश्चित रूप से न केवल आन्दोलन को बल मिलेगा।