Thar पोस्ट, न्यूज। आने वाले समय मे देश के कई राज्यों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान राजस्थान में हो रहे बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक की। बैठक में निर्णय किया गया कि 125 केवीए क्षमता से अधिक उपयोग वाले उद्योगों पर सोमवार से तीन दिन के लिए प्रतिदिन तीन घंटे (शाम 5 से 8 बजे) 75 प्रतिशत तक बिजली कटौती की जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में किसानों दी जाने वाली बिजली की आपूर्ति में कमी नहीं होनी चाहिए। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पावर एक्सचेंज से राज्य को अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका कारण उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों का बंद होना और अन्य राज्यों में बिजली की मांग बढ़ना है। अधिकारियों ने बताया गया कि घरेलू और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली की आपूर्ति के लिए उद्योगों को मिल रही बिजली में कटौती करनी पड़ रही है। जैसे ही बिजली की आपूर्ति सामान्य होगी ये कटौती समाप्त कर दी जाएगी। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में शाम को 5 से 8 बजे के बीच विद्युत आपूर्ति में पीक लोड के कारण पिछले दो दिनों से व्यवधान आया है। इसके बावजूद फिलहाल राज्य को रात के समय सरप्लस बिजली ग्रिड में देनी पड़ रही है, वहीं दिन के समय ग्रिड से अतिरिक्त बिजली लेनी पड़ रही है। राज्य के बिजली घरों को मिलने वाले कोयले की आपूर्ति में भी लगातार सुधार हो रहा है। अधिकारी रेल मंत्रालय से निरंतर संपर्क में हैं। जिससे जल्द ही बिजली की आपूर्ति सुचारू होने की संभावना है।