Thar पोस्ट, बीकानेर, 24 फरवरी। ऊंट उत्सव के आयोजन से संबंधित बैठक शुक्रवार को दोपहर 4 बजे जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल की अध्यक्षता में जिला कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी पर्यटन विभाग के उपनिदेशक भानुप्रताप ढाका ने दी तथा बताया कि बैठक में विभिन्न प्रतियोगिताओं, स्थान निर्धारण, तिथियों के निर्धारण सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष 6 को आएंगे बीकानेर
बीकानेर। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गोपाल कृष्ण व्यास 6 मार्च को दोपहर 2 बजे जोधपुर से सड़क मार्ग से रवाना होकर शाम 7 बजे बीकानेर पहुंचेंगे। श्री व्यास 7 मार्च को प्रातः 10.30 बजे सर्किट हाउस में जनसुनवाई करेंगे तथा 8 मार्च को प्रातः 11 बजे सड़क मार्ग से जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
सावा सेवादारों का अभिनंदन : Thar पोस्ट, बीकानेर। रमक झमक के पुष्करणा सावा सेवा कार्यक्रम में सावा सफ़ल बनाने वाले सेवादारों का अभिनन्दन किया गया। साफा पाग के लिये नवीन बोड़ा,दिलीप रंगा,हरीश किराड़ू,दीप सिह राजपूत,मंच सजावट के लिये किशन शर्मा, पार्लर एवं दुल्हन श्रृंगार के लिये इन्दु वर्मा, काव्य धारा के लिये जुगल पुरोहित,संजय आचार्य वरुण,डॉ कृष्णा आचार्य,मेहंदी के लिये जय शंकर खत्री,बड़ पापड़ के लिये श्रीमती प्रीति ओझा,गिफ्ट के लिये भुवनेश व कानू चूरा,पण्डितों की सेवा के लिये डॉ गोपाल भादाणी,धर्मसागर ओझा व आशीष भादाणी, नई करेंसी के लिये एस बी आई के अरुण आचार्य,बैंक ऑफ बड़ौदा के कौशल सोनी,गीत गायन संकलन के लिये श्रीमती रामकंवरी ओझा को शॉल, श्रीफल,माला व प्रतीक चिन्ह देकर पुलिस उपाधीक्षक मुकेश आचार्य,डॉ सोमनारायण पुरोहित,श्याम लाल उपाध्याय व रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने सम्मानित किया। पूर्व में शुसील किराड़ू ने स्वागत भाषण दिया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता रतना महाराज ने की।इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक मुकेश आचार्य ने कहा कि सस्कृति को जीवंत रखने के लिये रमक झमक जैसी अन्य संस्थाओं को भी आगे आना चाहिये और ऐसी संस्था को हर शहर वासी को आगे बढ़कर साथ देना चाहिये।उन्होंने कहा कि रमक झमक ने सावा को लेकर पूरे देश को जोड़ने का प्रयास किया है इसकी वजह से पूरा देश न केवल सावा को जानने व समझने लगा है बल्कि बीकानेर की अनूठी सस्कृति से रूबरू हुआ है और बीकानेर शहर व प्रदेश की शान बढ़ी है,हजारों लोग तो सिर्फ इसे देखने व समझने के लिये आए।इसका श्रेय रमक झमक को जाता है ।इसलिये रमक झमक का धन्यवाद करना चाहिये।
