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IMG 20260913 120207 कौन बनेगा महापौर ? करवटें बदलते रहें.. सारी .. Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट(जितेंद्र व्यास)। सबसे बड़ा सवाल कि कौन बनेगा महापौर ? घर हो या फिर बाहर। चौक हो या फिर गली। कॉलोनी हो या पौराणिक पाटे। सभी पर एक ही सवाल कौन बनेगा महापौर? हालांकि कल तस्वीर क्लियर हो जाएगी, लेकिन आज की रात सभी प्रत्याशियो के लिए कुछ हटकर होगी। बैचैनी भरी होगी। सभी के लिए एक ही गाना फिट बैठेगा कि ‘करवटें बदलते रहे ..सारी रात हम…’ इस बार दिग्गज नेताओं व प्रत्याशियो की भी अग्नि परीक्षा है। क्योंकि अनेक वार्ड ऐसे है जहाँ दिग्गज चुनाव हार रहे हैं। हालांकि उनके राजनीतिक जीवन पर इसका ज्यादा असर नही पड़ेगा। हाँ, कुछ समय के लिए उनकी गाड़ी पर ब्रेक लगेगा, नेताओं के व्यंग बाण भी झेलने पड़ेंगे। अभी बीजेपी व कांग्रेस की बाड़ाबंदी चल रही है। हालांकि दोनों ही दलों ने इसे प्रशिक्षण शिविर का नाम दिया है लेकिन खिचड़ी पकाने के प्रयास ऊपर से अंदर तक किये जा रहे है बाड़ाबंदी के वीडियो भी वायरल हो रहे है। इस बार निर्दलीयों की भी लॉटरी खुल रही है। अनेक वार्डो से वे जीत रहे है। उनके भी भाव बढ़ने वाले ह क्योंकि बीजीपी व कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। बागी व निर्दलीयों की वजह से कांग्रेस व बीजेपी में एक-एक वोट की टक्कर है। अब निर्दलीय ही तय करेंगे कि वे किसके साथ जाएंगे। इन पर भी गीत फिट बैठता है ‘जानू क्या मेरा दिल अब कहाँ खो गया ‘ यानि वे ईमानदारी के साथ किसी दल का समर्थन करते है या नहीं यह महत्वपूर्ण विषय है।

ले जाएंगे ले जाएंगे दिल वाले दुल्हनिया…

राजनीति व चुनाव में ईमानदारी व जज्बात धरे रह जाते है। कड़ी टक्कर के बाद बाजी वही दल मारता है जिसकी व्यापक योजना होती है धन बल के साथ। आगामी दिनों में पैसों का गुप्त खेल भी चलेगा, करोड़ो इधर उधर होंगे। इसलिए कौनसा दल बाजी मारेगा, यह कहना भी मुश्किल है। राजनीति के धुरंधर इन दिनों मेयर की कुर्सी यानी दुल्हनिया को ले जाने या कब्जा करने की व्यू रचना तैयार कर रहे है। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी, डॉ बीड़ी कल्ला, विधायक जेठानंद व्यास अपने अपने खेमों में गणित बैठा रहे है। लेकिन कल पिटारा खुलने के बाद ही असल तस्वीर सामने आएगी।


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