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IMG 20260821 145019 इस दिन है जन्माष्टमी, पूजा मुहूर्त ये होंगे Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट न्यूज। विश्व में जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मथुरा नगरी में माता देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। वैसे तो अष्ठमी हर महीने में आती है, लेकिन भाद्रपद कृष्णपक्ष में आने वाली जन्माष्टमी सबसे खास होती है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और शुभ मुहूर्त में भगवान कृष्ण की विधि विधान पूजा करते हैं। कहते हैं भगवान कृष्ण का जन्म आधी रात में हुआ था, इसी कारण से जन्माष्टमी की पूजा के लिए रात 12 बजे का समय सबसे शुभ माना जाता है। कब मनाई जाएगी और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि 4 सितंबर 2026 को 02:25 AM से शुरू होकर 5 सितंबर को 12:13 AM तक रहेगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर को 12:29 AM से 11:04 PM तक रहेगा।

ये होंगे मुहूर्त

कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 4 सितंबर की रात 11:57 से शुरू होकर 12:43 बजे तक रहेगा। वहीं जन्माष्टमी व्रत का पारण 5 सितंबर की सुबह 06:01 बजे के बाद किया जाएगा। जन्माष्टमी की मुख्य पूजा रात के समय होती है। श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रहते हैं। फिर रात 12 बजे से पहले पूजा की तैयारी शुरू करते हैं। भगवान के लिए भोग तैयार किया जाता है। रात 12 बजे के करीब बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। उन्हें नए वस्त्र पहनाएं जाते हैं। साथ में मोरपंख, बांसुरी व तुलसी दल अर्पित की जाती है। फिर उन्हें झूला झुलाया जाता है। माखन-मिश्री, पंजीरी और खीर का भोग लगाकर उनकी आरती की जाती है। कई लोग रात 12 बजे की पूजा के बाद अपना व्रत खोल लेते हैं। तो कई अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलते है।


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