







Thar पोस्ट। रात के अंधेरे में उडते हुए हवाई जहाज के दोनों पंखों के सिरों पर अलग-अलग रंग की लाइट दिखाई देती हैं। इसका क्या महत्व होता है? प्लेन के बाएं हिस्से यानी बाएं पंख की तरफ लाल लाइट होती है, जबकि दाएं हिस्से में हरी। रात में हवाई जहाज में ग्रीन और रेड लाइट को आपने जलते हुए देखा ही होगा. ये दोनों लाइट्स हवाई जहाज के दोनों पंखों पर लगी होती है. एक तरफ ग्रीन तो दूसरी तरफ रेड लाइट। ये दोनों लाइट्स नेवीगेशन में मदद करती हैं. दोनों लाइट आसमान में दूसरे पायलटों और जमीन पर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को विमान की दिशा बताने का काम करती हैं, जिससे विमान की स्थिति का ठीक से पता चल सके. लाल लाइट हमेशा विमान के बाएं पंख के सिरे पर होती है. यह विमान के बांए हिस्से के बारे में बताती है. वहीं, ग्रीन लाइट दाहिने पंख के सिरे पर होती है। इसके अलावा सफेद लाइट भी होती है। कई बार हवा में दो विमान नजदीक आ जाते है इन लाइट की वजह से उनकी स्थिति डायरेक्शन का पता चल जाता है।

किसी भी विमान में सिर्फ ग्रीन और रेड लाइट ही नहीं होती. इसमें टैक्सी लाइट, टेक ऑफ लाइट, रनवे टर्न ऑफ लाइट, एंटी कोलिजन बीकन, लैंडिंग लाइट, लोगो लाइट भी होती हैं, जो अलग-अलग समय पर जलाई जाती हैं. इनका मतलब भी अलग-अलग होता है।
