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IMG 20241023 101608 दो और प्रसुताओं की मौत, बीकानेर के बाद भीलवाड़ा में बिगड़े मामले Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट न्यूज़। राजस्थान में प्रसुताओं की मौत का सिलसिला जारी है। भीलवाड़ा जिले के महात्मा गांधी चिकित्सालय की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में बुधवार देर रात नॉर्मल डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत हो गई। एक परिवार दूसरी संतान के जन्म की खुशी मना रहा था, जबकि दूसरे घर में पहली बार किलकारी गूंजी थी। लेकिन कुछ ही घंटों में दोनों परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। दोनों महिलाओं की मौत प्रसव के बाद हुए अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्टपार्टम हेमरेज) के कारण हुई।

इन घटनाओं के बाद जुलाई महीने में एमजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा सात तक पहुंच गया है। तीन महीनों में राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत के कई मामले सामने आए हैं। मई में कोटा के सरकारी अस्पताल में पांच महिलाओं की मौत हुई थी। जून में बीकानेर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद छह महिलाओं की किडनी फेल हुई, जिनमें दो की जान चली गई। अब भीलवाड़ा में एक ही रात में दो प्रसूताओं की मौत ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसव के बाद निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला मामला कोटड़ी क्षेत्र के दांतड़ा गांव निवासी 22 वर्षीय सुगना बैरवा का है। शाहपुरा जिला अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद उन्हें अचानक अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने तक उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों के अनुसार उनका हीमोग्लोबिन केवल 1.8 ग्राम और प्लेटलेट्स करीब चार हजार थे। आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट, रक्त और प्लेटलेट्स चढ़ाने सहित सभी प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वह अपने दूसरे नवजात को ठीक से देख भी नहीं सकीं।


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