







Thar पोस्ट न्यूज। सांवलिया सेठ के एक भक्त की राजस्थान में चर्चा है। राजस्थान डूंगरपुर जिले की आसपुर तहसील के खेड़ा सामोर गांव निवासी भगवान श्री सांवलिया सेठ के अनन्य श्रद्धालु अमर पुत्र गौतम पटेल ने मंडफिया स्थित भगवान श्री सांवलिया सेठ को अपनी करीब 10 बीघा से अधिक खातेदारी भूमि दान स्वरूप अर्पित कर उसका पंजीयन भी करवा दिया।श्रद्धालु अमर वर्ष 2013 से नियमित रूप से भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए आते रहे हैं। वर्ष 2015-16 के दौरान उन्होंने मंदिर कार्यालय पहुंचकर मंदिर प्रशासन के समक्ष अपने गांव स्थित खातेदारी भूमि भगवान को दान करने की इच्छा व्यक्त करते हुए संकल्प लिया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन को जानकारी मिली कि श्रद्धालु की भूमि अलग-अलग टुकड़ों में बंटी हुई है। इस कारण मामला कुछ समय तक लंबित रहा और बाद में भूमि के एकीकरण (समेकन) की प्रक्रिया शुरू की गई। यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही। मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के निर्देश पर मंदिर प्रशासन ने इस कार्य को गंभीरता से आगे बढ़ाया। इसके बाद दो दिन पूर्व सांवलियाजी मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय एवं लेखाकार राजेंद्र सिंह, संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी तथा पूर्व गिरदावर गोपाल सिंह आसपुर पहुंचे। वहां तहसील कार्यालय में श्रद्धालु द्वारा भूमि भगवान श्री सांवलिया सेठ के नाम दान करने संबंधी डीड तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उक्त भूमि भगवान श्री सांवलियाजी के नाम दर्ज हो गई। भूमि दान करने के बाद श्रद्धालु शुक्रवार को कृष्णधाम सांवलियाजी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने अपने गांव की मुख्य सड़क पर स्थित पट्टा-सुदा करीब 1700 वर्ग फीट के चार मंजिला मकान को भी भगवान श्री सांवलिया सेठ को समर्पित करने के लिए दान पत्र पर हस्ताक्षर कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इससे पहले वर्ष 2013-14 में श्रद्धालु ने अपने पिता के कानों की सोने से निर्मित मूर्कियां भी भगवान को अर्पित कर दी थीं। शनिवार को सांवलियाजी पहुंचे श्रद्धालु का मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, सदस्य पवन तिवारी, किशनलाल अहीर, रामलाल गुर्जर, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिवशंकर पारीक सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत कर उनकी श्रद्धा और आस्था का सम्मान किया।

