







Thar पोस्ट। राजस्थान में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (पंचायती राज) ने शुक्रवार को इस संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धाराओं और पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने आरक्षण और लॉटरी की प्रक्रिया का अधिकार संबंधित अधिकारियों को दे दिया है।

- जिला कलेक्टर: संबंधित क्षेत्र के जिला कलेक्टर्स को जिला परिषद के वार्डों और प्रधानों (पंचायत समितियों) के पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण करने और श्रेणीवार (श्रेणीवार) आवंटन के लिए लॉटरी (श्रेणीवार आवंटन) निकालने की शक्तियां दी गई हैं।
- उपखण्ड अधिकारी (SDM): संबंधित उपखण्ड अधिकारियों (SDM) को अपने क्षेत्राधिकार की ग्राम पंचायतों के वार्डों तथा सरपंचों के पदों के लिए आरक्षण निर्धारित करने और श्रेणीवार आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार दिया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश?
- चुनावी प्रक्रिया में तेजी: पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 की समयबद्ध और निष्पक्ष तैयारियों के लिए यह प्रशासनिक कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- पारदर्शिता: लॉटरी प्रक्रिया के जरिए जिला परिषद वार्ड, पंचायत समिति प्रधान, ग्राम पंचायत वार्ड और सरपंच पदों के आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
