






Thar पोस्ट न्यूज़। देश का पहला ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स: पचपदरा रिफाइनरी । आज अब राष्ट्र को समर्पित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस ऐतिहासिक परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके शुरू होने से राजस्थान देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख राज्यों में शामिल हो जाएगा.

पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है, जहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स दोनों एक साथ विकसित किए गए हैं। आमतौर पर देश में रिफाइनरियां केवल कच्चे तेल को शुद्ध कर पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन तैयार करती हैं, लेकिन पचपदरा परियोजना इससे कहीं आगे बढ़कर पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी बड़े स्तर पर निर्माण करेगी। इस परियोजना को केवल एक रिफाइनरी नहीं बल्कि एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल हब माना जा रहा है, जो कच्चे तेल से लेकर उच्च मूल्य वाले औद्योगिक उत्पादों तक की पूरी श्रृंखला तैयार करेगा। परियोजना पर लगभग 79,450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। यह निवेश राजस्थान में अब तक हुए सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में शामिल है। इस परियोजना का संचालन एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 74 प्रतिशत तथा राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
9 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाली विशाल रिफाइनरी
रिफाइनरी की वार्षिक क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। इसका अर्थ है कि यह संयंत्र हर वर्ष लगभग 90 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करेगा। यदि इसे दैनिक क्षमता में समझें तो यहां करीब 1.8 लाख बैरल कच्चे तेल की प्रतिदिन प्रोसेसिंग की जा सकेगी। इतनी बड़ी क्षमता वाली यह रिफाइनरी राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों की पेट्रोलियम आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पचपदरा पहुंचकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहेंगे
