Thar पोस्ट न्यूज़। पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन नगरी जैसलमेर के ऐतिहासिक राखेचा पाड़ा क्षेत्र में जैन समाज की करीब 250 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक उपासरा इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन के समीप कथित रूप से बिना अनुमति कराई जा रही गहरी खुदाई ने इसकी नींव को कमजोर कर दिया, जिसके चलते यह धरोहर कुछ ही क्षणों में मलबे में तब्दील हो गई। गनीमत यह रही कि जनहानि नही हुई।
जानकारों के अनुसार ढहा हुआ उपासरा भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि जैन समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा था। वर्षों से यहां जैन साधु-साध्वियों के चातुर्मास और प्रवास के दौरान ठहरने की व्यवस्था होती रही थी। धार्मिक प्रवचन, आध्यात्मिक गतिविधियां और समाज से जुड़े कई कार्यक्रम इसी परिसर में आयोजित किए जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार यह भवन जैसलमेर की पारंपरिक स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण था। चूना-पत्थर और पारंपरिक निर्माण तकनीक से बनी यह इमारत ऐतिहासिक महत्व रखती थी। हालांकि समय के साथ भवन जर्जर होने लगा था और हाल के वर्षों में इसका उपयोग मुख्य रूप से गोदाम के रूप में किया जा रहा था।