ताजा खबरे
SAVE 20260511 152516 समारोह में 14 महिलाओं का हुआ सम्मान Rajasthan News Portal साहित्य
Share This News

Thar पोस्ट न्यूज, बीकानेर। मातृत्व त्याग, संस्कार और निस्वार्थ प्रेम की सबसे बड़ी मिसाल: अनुराधा सक्सेना। मां उषा सक्सेना मातृ शक्ति सम्मान समारोह में 14 महिलाओं का सम्मान।

लॉयन्स क्लब बीकानेर मल्टीविजन के तत्वावधान में आयोजित मां उषा सक्सेना मातृ शक्ति सम्मान समारोह मातृत्व के सम्मान, संवेदनाओं और प्रेरणादायी विचारों से सराबोर रहा। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 14 महिलाओं को माला, ताज, साड़ी, नारियल एवं स्मृति प्रतीक भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना ने की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की वह पहली पाठशाला है जहां प्रेम, त्याग, संस्कार और धैर्य का ज्ञान मिलता है।” उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों के सुख के लिए हर कठिनाई को मुस्कुराते हुए सहन कर लेती है और उसका स्नेह जीवनभर संबल बनकर साथ चलता है। दुनिया में यदि कोई बिना किसी स्वार्थ के प्रेम करता है तो वह मां होती है। मां की ममता में वह शक्ति होती है जो टूटे हुए मन को भी संभाल लेती है और उसके आशीर्वाद में जीवन की हर कठिनाई से लड़ने का साहस छिपा होता है।

डॉ. अनुराधा सक्सेना ने कविता के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जो भी उपलब्धियां हासिल की हैं, उनमें उनकी मां का सबसे बड़ा योगदान रहा है।।कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध पर्वतारोही डॉ. सुषमा बिस्सा ने कहा कि मां का महत्व शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। वह परिवार की नींव, संस्कारों की जननी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी प्रेरणा होती है। मां अपने सपनों का त्याग कर बच्चों के सपनों को साकार करने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर देती है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. शरद सक्सेना ने कहा कि मातृत्व केवल जन्म देने का नाम नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में बच्चों का मार्गदर्शन करने, उन्हें सही संस्कार देने और हर दर्द में ढाल बनकर खड़े रहने का नाम है। मां का त्याग और समर्पण अतुलनीय होता है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में क्लब अध्यक्ष लॉयन सुरेश भसीन ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का अभिनंदन किया। इसके बाद जवाहर जोशी ने मां पर आधारित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावुक बना दिया। लॉयन शशांक सक्सेना ने अपनी माताजी की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्देश्य एवं भावनाओं पर प्रकाश डाला।

धन्यवाद ज्ञापन लॉयन प्रमोद सक्सेना ने किया। कार्यक्रम में लॉयन अरुण जैन, लॉयन नीरज भटनागर, लॉयन रचना सोनी, लॉयन विजय शर्मा, लॉयन मीना भसीन, लॉयन उमाशंकर आचार्य, आरीफ खान लॉयन अंजू जैन, श्रीमती प्रिया सक्सेना, श्रीमती सृष्टि, श्रीमती सुजाता गौतम, डॉ. सुचित्रा कश्यप, श्रीमती पुष्पा शर्मा, मंजू सक्सेना, श्रीमती शशि ठकराल, नरसिंह सेवग, डॉ. क्षितिज सक्सेना, अंकुर ठकराल, श्रीमती सुमिता शर्मा, विशाल जैन, श्रीमती चंद्रकला सोनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जवाहर जोशी ने किया।

समारोह में श्रीमती चंद्रकांता सोनी, श्रीमती प्रभा बिस्सा, श्रीमती कंचन जोशी, श्रीमती रागिनी सक्सेना, श्रीमती मंजु राजपुरोहित, डॉ. ज्योति वधवा, श्रीमती कामिनी भोजक, श्रीमती कमलिनी मिश्रा, श्रीमती कृष्णा मलिक, श्रीमती कमलेश शेखावत, श्रीमती मंजू गुलगुलिया एवं श्रीमती अलका चौधरी का मातृ शक्ति सम्मान से अभिनंदन किया गया।


Share This News