IMG 20220712 222522 2 व्यापारी से 20 लाख ठगे Rajasthan News Portal राजस्थान
Share This News

Thar पोस्ट। केंद्रीय सरकारी जांच एजेंसी ईडी का डर दिखाकर व्यापारियों को शिकार बनाने लगे हैं शातिर ठग।जयपुर के कारोबारी विकास जैन के साथ ऐसा ही हुआ। जिसे शातिर ठग ने खुद को ईडी का तथाकथित एडिशनल डायरेक्टर संजय कुमार बताकर 40 लाख रुपए घूस की मांग कर डाली। ऐसे में पीड़ित व्यापारी शिकायत करने एसीबी मुख्यालय पहुंच गया।एसीबी ने ट्रैप की प्लानिंग भी तैयार की, लेकिन पार्सल कर्मचारी ने ही पार्सल की राशि कलेक्ट कर ली, तो एसीबी के अधिकारियों ने ठगी का मामला होने पर पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने गांधी नगर थाने भेज दिया। अब गांधी नगर थाने में तथाकथित शातिर ठग के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले में संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।जयपुर के एक व्यापारी विकास जैन को साइबर ठग ने 7 फरवरी को ईडी के अधिकारी के नाम से कार्रवाई की धमकी देकर 40 लाख रुपए की डिमांड की थी, लेकिन पूरा मामला ठगी का निकाला । ईडी की कार्रवाई का खौफ दिखाकर व्यापारी से मोटी रकम ऐंठने की यह प्लानिंग थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केस का ईडी से कोई लेना देना नहीं है।  गांधी नगर एसएचओ सुरेंद्र यादव मामले की पड़ताल में जुटे हैं। व्यापारी विकास जैन ने पुलिस को बताया कि व्हाट्स एप कॉलिंग करने वाले ने खुद को दिल्ली ईडी हेड ऑफिस का एडिशनल डायरेक्टर संजय कुमार बताया। ठग ने विकास जैन को कहा- तुम्हारे खातों में बहुत तगड़ी गड़बड़ियां मिली हैं, इसलिए रेड के लिए तैयार हो जाओ। यह कहकर उसने कॉलिंग कट कर दी। इसके बाद दोबारा से फोन करके कहा कि रेड से बचना चाहते हो, तो 40 लाख रुपए भिजवा दो। व्यापारी विकास जैन ने 40 लाख रुपए नहीं होने की बात उसे कही। इस पर फाइनल सौदा 20 लाख रुपए देने पर तय हुआ। इंटरनेट से कॉलिंग करने वाले फर्जी ईडी अफसर ने व्यापारी विकास जैन को निर्देश दिए कि जयपुर में जवाहर नगर में केंद्रीय विद्यालय नंबर 3 के पास एक बॉक्स में रुपए छोड़ देना, वहां से मेरा आदमी पैसा उठा लेगा।

एसीबी ने वेरीफिकेशन होने पर ट्रैप तैयार किया
7 फरवरी को यह कॉल आने की घटना के बाद घबराया व्यापारी विकास जैन सीधा सीधा एसीबी मुख्यालय पहुंच गया और सीनियर अधिकारियों को पूरी बात बताई। एसीबी ने कॉल के आधार पर शिकायत का वेरिफिकेशन किया। इसके बाद एसीबी ने आरोपी को ट्रैप करने की प्लानिंग तैयार की। विकास जैन ने कथित ईडी अफसर (ठग) के बताए अनुसार एक रुपयों से भरा बॉक्स तैयार किया। जिसमें गड्डियों में ऊपर ऊपर कुछ नोट 500 रुपए के लगाए और नीचे कागज लगा दिए। मौके पर बॉक्स  रखने के बाद उसकी फोटो भी ईडी के कथित अफसर को उसने भेज दी। फिर व्यापारी विकास जैन वहां से वापस लौट गए।

एसीबी की टीम सादा कपड़ों में पास ही तैनात थी। तभी कुछ देर में इमरान नाम का एक युवक वहाँ आया और उसने बॉक्स को उठा लिया। एसीबी के अधिकारियों ने उसे तुरंत धर दबोचा और एसीबी मुख्यालय पर लाकर सख्ती से पूछताछ की, तो पता चला इमरान केवल पिकअप करने वाला लड़का है। वह किसी ट्रैवल एजेंसी में काम करता है। उसने बताया कि उसके मैनेजर ने उसे वह पार्सल उठाकर लाने के लिए बोला था। इस पर एसीबी ने मैनेजर को भी पूछताछ के लिए एसीबी मुख्यालय पर बुलाया। तब उस मैनेजर ने एसीबी से कहा कि उसके पास किसी व्यक्ति का फोन आया, जिसने उस बॉक्स को उठाकर इंदौर डिलीवर करने के लिए कहा था। पुलिस ने मैनेजर के मोबाइल पर आए कॉल नम्बर की जांच की, तो वह झारखंड में एक्टिव मिला। तब एसीबी ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मामला होने पर गांधी नगर थाना पुलिस को जानकारी दी। परिवाद को थाने पर शिकायत करने भेजा गया।


Share This News