IMG 20221104 232450 1 बीकानेर : 50 करोड़ रुपए की अघोषित आय का खुलासा, मशीनें मंगवानी पड़ी Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar post न्यूज। आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा द्वारा बीकानेर और नोखा में की जा रही छापामारी की कार्रवाई में 24 घंटे बाद करीब 50 करोड़ रुपए की अघोषित आय का खुलासा हुआ है। छापामारी के दूसरे दिन संबंधित कारोबारियों के विभिन्न बैंकों के लॉकर खुलवाए गए, जिसमें करीब 50 करोड़ रुपए की बेनामी इनकम का खुलासा हुआ है।
अघोषित आय के साथ ही लॉकर में प्राॅपर्टी, मनी लॉन्ड्रिंग तथा बेनामी हिसाब से जुड़ी बहियां भी मिली हैं। आयकर अधिकारियों द्वारा अघोषित आय और प्राॅपर्टी संबंधी दस्तावेज के बारे में संबंधित कारोबारियों से पूछे गए सवालों के वे जवाब नहीं दे पाए। आयकर अधिकारी अब बैंक लॉकर में मिले दस्तावेज और अघोषित आय को लेकर आगे की पड़ताल में जुटे हैं।अन्वेषण शाखा के करीब 250 अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी, उनके रिश्तेदार पिंटू राठी, गारमेंट्स और प्राॅपर्टी कारोबारी शहर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष धनपत चायल व उसके तीन भाइयों सहित नोखा के ग्वार-गम और दाल कारोबारी श्रीनिवास झंवर, हनुमान झंवर व बृजरतन तापड़िया के यहां गुरुवार काे छापामारी शुरू की थी।
100 करोड़ रुपए से ज्यादा का अनुमान
आयकर विभाग की छापामारी में बीकानेर और नोखा में करीब 100 करोड़ रुपए की अघोषित आय का खुलासा होने का अनुमान है। शुक्रवार देर रात तक अधिकारियों की टीम संबंधित कारोबारियों के 40 से अधिक ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई कर रही थी। आयकर विभाग के निदेशक सुधांशु झा, एडिशनल निदेशक करणीदान तथा सहायक आयकर निदेशक अरविंद मीणा देर रात तक संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर मिलने वाली इनपुट के बारे में फीडबैक ले रहे थे।आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा द्वारा जारी छापामारी की कार्रवाई में मिली अघोषित नकदी को गिनने के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को नोट गिनने के लिए मशीनों का सहारा लेना पड़ा। वहीं कुछ पॉइंट पर उन्होंने कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है। दो कारोबारियों द्वारा कार्रवाई में असहयोग करने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में आयकर विभाग के अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इंकार किया है।


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