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बीकानेर में बर्ड टूरिज्म को लग रहे पंख

धोरों की धरती में बर्ड टूरिज्म की संभावना लगातार बढ़ रही है। बीकानेर में जोड़बीड़ सहित अनेक क्षेत्रों में न केवल शिकारी पक्षी बल्कि अन्य साइबेरियाई पक्षियों की उपस्थित देखी गई है। इसमें जोड़बीड़ में सर्वाधिक पक्षी पहुंच रहे हैं। इसमें शिकारी पक्षियों की संख्या भी अच्छी संख्या में है।  www.tourisminrajasthan.com
संख्या बढऩे के कारण
बीकानेर में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढऩे के दो मोटे कारण माने जा रहे हैं पहला तो यह है कि यह पूरा इलाका पक्षियों के प्रवास के लिए महफूज है शान्त माहौल, अच्छी धूप, तूफान का नहीं होना आदि कारणों के चलते सभी तरह के पक्षी यहां पहुंच रहे हैं। दूसरा अहम कारण जोड़बीड़ बेल्ट का है। इस क्षेत्र में मृत पशुओं को डाला जाता है इसके चलते यहां शिकारी पक्षी बढ़ रहे हैं। जोड़बीड़ क्षेत्र में ही अन्य पक्षियों के लिए अनुकूलताएं बन रही है। 
यहां से पहुंचते हैं पंछी
सर्दियों मेंं यहां साइबेरिया, मंगोलिया व हिमालयी क्षेत्रों से प्रतिवर्ष पक्षी पहुंचते हैं।  इनकी अहिस्ता-अहिस्ता शुरूआत सितम्बर-अक्टूबर से हो जाती है। हालांकि मेहमान पक्षी यहां केवल सर्दी के दिनों में प्रवास करते हैं इसके बाद में लौट जाते हैं।  जोड़बीड़ में यूरेशियन वल्चर, इजेप्शियन वल्चर, व्हाइट टेल काइट, डोमेशियल क्रेन, विभिन्न प्रजातियों के गिद्ध, मंगोलियन काइट सहित अनेक पक्षी पहुंचते हैं। न केवल सर्दी में पहुंचने वाले प्रवासी पक्षी बल्कि अन्य पक्षियों का भी यहां वर्षभर जमावड़ा लगा रहता है। 

IMG 20200823 090818 2 बीकानेर में बर्ड टूरिज्म को लग रहे पंख Rajasthan News Portal पर्यटन, बीकानेर अपडेट

Birds groups in jorbeer
जोड़बीड़ में पहले से देसी-विदेशी सैलानी पहुंच रहे हैं राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र में कैमल मिल्क कॉफी व कैमल सफारी के चलते यह क्षेत्र देसी-विदेशी सैलानियों केे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। निकट भविष्य में यहां और सैलानी बढ़ेंगे।  पर्यटन विभाग भी जोड़बीड़ के नजदीक एक व्यापक स्तर पर योजना तैयार कर रहा है। पर्यटकों के लिए कैमल म्युजियम, कैम्प फायर, कैमल सफारी सहित अन्य आयोजन किए जाएंगे। www.tourisminrajasthan.com
एक ही भ्रमण सब-कुछ
राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र प्रमुख आकर्षण का केन्द्र है। यहां प्रतिवर्ष सर्दी के दिनों में अच्छी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। निकट भविष्य में क्षेत्र पहुंचने वाले देसी-विदेशी सैलानियों को एक बार भ्रमण में बर्ड वॉच, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र एवं पर्यटन टूरिज्म कॉम्पलेक्स पहुंचने का अवसर मिलेगा। 


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