





Thar पोस्ट न्यूज। क्या बीकानेर में स्टेट टाइम में पैदल चलने की भी परमिशन लेनी होती थी? सांस लेने के लिए लाइसेंस बनवाने होता था? कुछ ऐसे ही AI से तैयार फ़ोटो इन दिनों लोग मनोरंजन के लिए फेसबुक, इन्स्टाग्राम या व्हाट्स एप्प पर डाल रहे है। ये केवल मनोरंजन के लिए लोग कर रहे है जबकि वास्तविकता से इसका कोई लेना देना नही है। AI के इस दौर में लोग प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी के अलावा अपने पसंदीदा नायक, नायिका आदि के साथ भी फ़ोटो वीडियो डाल रहे है। रियासतकाल में आवागमन के संसाधन सीमित थे। लोग पैदल ही चलते थे। AI की इन फ़ोटो को देखकर लोग मनोरंजन कर रहे है।


