ताजा खबरे
आचार्य के मुक्तक संग्रह ‘निगाहों के समंदर में’ का विमोचनगंगा तट पर होगा चार दिवसीय यज्ञोपवित संस्कार, बीकानेर से सैकड़ों बच्चे धारण करेंगे जनेऊ, आवेदन की अंतिम दिनांक 10 जूनश्रीलंका में पहली बार सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित हुआ स्यूचरलेस एओर्टिक वाल्व, जयपुर के डॉ. अजीत बाना के नेतृत्व में रचा गया इतिहासव्यापार मंडल का मुख्यमंत्री को ज्ञापनLorem ipsum dolor sit ametपूर्व जिला कलेक्टर आईएएस के खिलाफ चार्जशीट पेशईडी : बीकानेर से तिरुपति तक मिलावटी घी की चैन, कार्रवाई में करोड़ों की संपत्तियां मिलीRajasthan : प्रदेशभर में अभियान: मॉडिफाइड थार-स्कॉर्पियो से लेकर संदिग्ध वाहनों पर कार्रवाई, 52 वाहन जब्तमौसम विभाग ने फिर चेतावनी जारी कीसोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने खाया जहर, अस्पताल में भर्ती
IMG 20260604 121837 ईडी : बीकानेर से तिरुपति तक मिलावटी घी की चैन, कार्रवाई में करोड़ों की संपत्तियां मिली Rajasthan News Portal देश
Share This News

Thar पोस्ट। भगवान के दरबार मे भी नकली देशी घी के प्रसाद का भोग लगाया जा रहा था। बीकानेर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की तो अनेक चौकानें वाले तथ्य सामने आए। हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम घी में मिलावट के धोखाधड़ी मामले के संबंध में तीन जून को अहिल्यानगर, बीकानेर ,देहरादून, दिल्ली ,डिंडीगुल, गुंटूर, मुंबई और रुड़की में 15 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्वा विनयकांत चावड़ा, मचिंद्रा शांताराम लंके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहिरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय और कार्यालय परिसरों की तलाशी ली गई।तलाशी अभियान के दौरान 60 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। तलाशी के दौरान अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) के 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों में निवेश का भी खुलासा हुआ, साथ ही आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज कई अचल संपत्तियों का विवरण भी प्राप्त हुआ।

तलाशी अभियान में डिंडीगुल स्थित ए.आर.डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड,अहिल्यानगर स्थित मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और रुड़की स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के डेयरी संयंत्रों को भी शामिल किया गया। कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए ,जिनसे पता चलता है कि अपराध की आय को छिपाने और उसे अलग-अलग स्तरों पर इस्तेमाल करने के लिए फर्जी खरीद-फरोख्त के लेन-देन को सुविधाजनक बनाने के लिए कानूनी संस्थाओं के एक जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था।

ईडी ने मेसर्स ए.आर.डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए ,2002 के तहत जांच शुरू की। यह आरोप है कि आरोपियों ने कुछ टीटीडी अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक विश्वासघात ,धोखाधड़ी की और मिलावटी घी की आपूर्ति करके टीटीडी को अनुचित रूप से नुकसान पहुंचाया। अब तक की गई जांच से पता चला है कि टीटीडी को मिलावटी घी की आपूर्ति के माध्यम से अर्जित अपराध की धनराशि को बाद में आपस में जुड़ी कानूनी संस्थाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के एक जटिल जाल के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया था ताकि धन के अवैध स्रोत को छिपाया जा सके। इसको लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।


Share This News